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मंगलुरु साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट गिरोह को पकड़ा: दो आरोपी गिरफ्तार, 70 से ज्यादा बैंक खाते जब्त किए

मंगलुरु, 11 मार्च (आईएएनएस)। मंगलुरु सिटी साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट्स के बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए दो स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कर्नाटक राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसमें म्यूल अकाउंट्स के जरिए साइबर अपराधियों को पैसे ट्रांसफर करने वाले लोगों पर सख्ती की जा रही है।
मंगलुरु साइबर पुलिस ने म्यूल अकाउंट गिरोह को पकड़ा: दो आरोपी गिरफ्तार, 70 से ज्यादा बैंक खाते जब्त किए

मंगलुरु, 11 मार्च (आईएएनएस)। मंगलुरु सिटी साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट्स के बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए दो स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कर्नाटक राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसमें म्यूल अकाउंट्स के जरिए साइबर अपराधियों को पैसे ट्रांसफर करने वाले लोगों पर सख्ती की जा रही है।

केस क्राइम नंबर 11/2026 के तहत मंगलुरु सिटी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 318(4), 319(2), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता मोहम्मद सिनान (मंगलुरु निवासी) ने 10 मार्च 2026 को पुलिस के सामने बयान दिया कि उनके परिचित मोहम्मद अनीश और सलीथ अहमद एम ने ट्रेडिंग बिजनेस के बहाने उनके बैंक अकाउंट से पैसे जमा करवाए, लेकिन बाद में इन अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया गया।

जांच में टेक्निकल सबूतों और मोबाइल फोन डेटा के विश्लेषण से आरोपियों का पता चला। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मंगलुरु शहर में आम लोगों से बैंक अकाउंट इकट्ठा करते थे और उन्हें साइबर फ्रॉड के लिए मुहैया कराते थे। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मोहम्मद अनीश (30 वर्ष) और सलीथ अहमद एम. (32 वर्ष) हैं।

आरोपियों से जब्त की गई संपत्ति में 4 मोबाइल फोन, 18 डेबिट कार्ड, 17 बैंक पासबुक, 6 चेक बुक, 1,479.31 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) और एक मारुति कंपनी की कार शामिल है।

आरोपियों ने कबूल किया कि वे भारतीयों से कम दाम पर यूएसडीटी (टेदर) खरीदते थे और वाट्सअप-टेलेग्राम के जरिए चीन में बैठे साइबर फ्रॉडस्टर्स को ज्यादा कीमत पर बेच देते थे। फ्रॉड से प्राप्त पैसे चीनी अपराधी इन आरोपियों द्वारा दिए गए भारतीय बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर करते थे। जब किसी अकाउंट पर शिकायत होती और बैंक उसे फ्रीज कर देता, तो आरोपी नए अकाउंट इकट्ठा कर लेते थे।

जांच से पता चला कि आरोपियों ने मंगलुरु और आसपास के इलाकों में 70 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स इकट्ठा किए थे, जिनमें से 37 अकाउंट्स एनसीआरपी पोर्टल पर पहले ही रिपोर्ट हो चुके हैं। इन अकाउंट्स से जुड़ी देशभर में 88 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एससीएच

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