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कर्नाटक के हेडमास्टर ने बच्चों को कराई पहली हवाई यात्रा, 5 लाख रुपये खर्च कर रच दिया प्रेरणादायक उदाहरण, Video

कर्नाटक के हेडमास्टर ने बच्चों को कराई पहली हवाई यात्रा, 5 लाख रुपये खर्च कर रच दिया प्रेरणादायक उदाहरण, Video

कर्नाटक से शिक्षा जगत को प्रेरित करने वाली एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर ने अपने छात्रों के सपनों को हकीकत में बदल दिया। सीमित संसाधनों और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों के लिए उन्होंने वह कर दिखाया, जिसकी कल्पना तक करना मुश्किल था। हेडमास्टर ने अपनी जेब से करीब 5 लाख रुपये खर्च कर छात्रों की पहली हवाई यात्रा कराई, जिसने न केवल बच्चों की दुनिया बदल दी बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों के दिलों को छू लिया।

जानकारी के अनुसार, यह पहल उन छात्रों के लिए की गई जो आज तक हवाई जहाज तो दूर, बड़े शहरों की यात्रा का भी सपना नहीं देख पाए थे। हेडमास्टर का मानना था कि शिक्षा केवल कक्षा और किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों को जीवन के वास्तविक अनुभव भी मिलने चाहिए, जो उनके सोचने और समझने के दायरे को व्यापक बना सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने बच्चों को हवाई यात्रा का अनुभव दिलाने का फैसला किया।

जब बच्चों को इस यात्रा के बारे में बताया गया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई बच्चों के लिए यह पहली बार था जब वे हवाई अड्डे पहुंचे, सुरक्षा जांच से गुजरे और बादलों के ऊपर उड़ान भरी। विमान में बैठते ही बच्चों की आंखों में उत्साह और हैरानी साफ झलक रही थी। खिड़की से नीचे दिखती धरती और आसमान में तैरते बादल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं थे।

इस पूरी यात्रा का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं। लोग हेडमास्टर की दरियादिली, सोच और समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उन्हें ‘रियल हीरो’, ‘सच्चा शिक्षक’ और ‘प्रेरणा का स्रोत’ बताया। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अगर देश में ऐसे और शिक्षक हों, तो शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर ही बदल जाए।

हेडमास्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों को यह एहसास दिलाना था कि वे किसी से कम नहीं हैं और बड़े सपने देखने का हक रखते हैं। उन्होंने बताया कि कई बच्चे ऐसे थे जिन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे हवाई जहाज में बैठ पाएंगे। यह अनुभव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और भविष्य में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देगा।

स्थानीय शिक्षा अधिकारियों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के अनुभव बच्चों के जीवन में गहरी छाप छोड़ते हैं और उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ दुनिया को समझने का मौका देते हैं। यह कदम यह साबित करता है कि सच्चा शिक्षक वही होता है जो छात्रों के सर्वांगीण विकास के बारे में सोचता है।

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