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कर्नाटक : चिक्कोडी में चार साल से बकाया बिल को लेकर ठेकेदारों का हंगामा, इंजीनियर के कार्यालय का घेराव

कर्नाटक : चिक्कोडी में चार साल से बकाया बिल को लेकर ठेकेदारों का हंगामा, इंजीनियर के कार्यालय का घेराव
कर्नाटक : चिक्कोडी में चार साल से बकाया बिल को लेकर ठेकेदारों का हंगामा, इंजीनियर के कार्यालय का घेराव

चिक्कोडी, 30 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक राज्य के बेलगावी जिले के चिक्कोडी में ठेकेदारों ने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकारी अभियंता के कार्यालय का घेराव भी किया। ठेकेदार लंबित बिलों के भुगतान की मांग कर रहे थे।

बेलगावी जिले के चिक्कोडी में ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के ठेकेदारों ने लंबित बिलों के भुगतान की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज ठेकेदारों ने कार्यकारी अभियंता के कार्यालय का घेराव किया और अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन में चिक्कोडी के साथ निप्पानी, रायबाग, हुक्केरी और गोकाक के ठेकेदार भी शामिल हुए। ठेकेदारों का आरोप है कि विभिन्न निर्माण कार्यों के बिल पिछले चार साल से लंबित हैं, लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने चिक्कोडी जल आपूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता पांडुरंगा राव और चिक्कोडी के एईई बी.आर. जंबागी को घेरकर सवाल किए। ठेकेदारों ने अधिकारियों के सामने लंबित भुगतान को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की और बकाया बिल तत्काल जारी करने की मांग की।

ठेकेदारों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके लिए निर्माण कार्य जारी रखना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग जल्द से जल्द सभी लंबित बिलों का भुगतान करे, ताकि काम प्रभावित न हो। इस दौरान बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने आरडब्ल्यूएस डिवीजन कार्यालय की घेराबंदी की और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

वहीं, गडग जिले के ठेकेदारों के लंबित फंड जारी करने को लेकर एक एईई को कथित रूप से परेशान किए जाने और उसके बाद एईई के लापता होने के मामले को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। इस घटनाक्रम के बीच चिक्कोडी के ठेकेदारों का विरोध और तेज हो गया है।

प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने साफ कहा कि जब तक पुराने बकाए का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनके लिए नए और जारी निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से करना मुश्किल होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में तत्काल कदम उठाने और लंबित राशि जारी करने की मांग की है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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