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कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, भारत रत्न देने की उठी मांग

कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, भारत रत्न देने की उठी मांग
कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, भारत रत्न देने की उठी मांग

लखनऊ, 21 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता पद्म विभूषण कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नेताओं ने कल्याण सिंह के राजनीतिक योगदान, राम मंदिर आंदोलन और उत्तर प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका को याद किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ब्रजेश पाठक, ने कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कल्याण सिंह पद्म विभूषण हैं, लेकिन उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। इस मांग को आगे बढ़ाया जा रहा है और वह दिन दूर नहीं, जब कल्याण सिंह को भारत रत्न मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इससे उनके अनुयायियों का मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री पद के बलिदान के कारण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को ध्वस्त किया था और उस समय कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। मौर्य ने कहा कि 500 वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिससे पूरे हिंदू समाज का गौरव बढ़ा है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज आदरणीय बाबूजी कल्याण सिंह जी की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से मैं बाबूजी को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं और उनकी स्मृतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बाबूजी ने अपना पूरा जीवन सनातन संस्कृति और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए समर्पित कर दिया। आज उत्तर प्रदेश का प्रत्येक नर-नारी बाबूजी को याद कर उनकी स्मृतियों को नमन कर रहा है। मैं यहां आए उनके सभी अनुयायियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। उत्तर प्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं हैं।”

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि आज कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि है और इसे हिंदू गौरव के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल तीन-चार दिन के नोटिस पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना कल्याण सिंह के प्रति लोगों के सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर कल्याण सिंह नहीं होते तो भाजपा शहरों से निकलकर गांव-गांव और गली-गली तक नहीं पहुंच पाती।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कल्याण सिंह के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य था कि उन्हें उस महापुरुष के साथ काम करने का अवसर मिला। पार्टी और उनके साथी के रूप में उन्हें संगठन की दृष्टि से मार्गदर्शन मिला, जिसे उन्होंने हमेशा संजोकर रखा। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह के विचारों को उन्हीं के शब्दों में कहें तो वह “एक वफादार संतरी” के रूप में काम करने की भावना रखते थे। जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने जो योगदान दिया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पूरे जीवन गांव, गरीब और किसान की बात की।

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर उठाए गए सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के शासनकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही, अगर वह आज कानून-व्यवस्था की बात कर रहा है तो उन्हें इसमें कोई सार नजर नहीं आता। राजभर ने कहा कि दिवंगत कल्याण सिंह ने वही किया जो देश की जनता चाहती थी- उन्होंने राम मंदिर की नींव रखी और उसके निर्माण का मार्ग सुनिश्चित करने के बाद दुनिया से विदा हुए।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “हिंदू हृदय सम्राट आदरणीय बाबूजी कल्याण सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर मैं उनके चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। निस्संदेह हिंदुत्व, सनातन और विशेष रूप से राम मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने जो बलिदान दिया, वह अमर है।” ज्ञात हो कि कल्याण सिंह का जन्म पांच जनवरी 1932 को अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील के मढ़ौली गांव में हुआ था। भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल रहे। एक दौर में वह राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे और हिंदुत्ववादी नेता तथा प्रखर वक्ता के रूप में उनकी पहचान बनी।

--आईएएनएस

विकेटी/पीएम

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