कैथल कोर्ट से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों को राहत, पुलिस पर फायरिंग के मामले में 27 आरोपी बरी
कैथल, 21 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा के कैथल में वर्ष 2017 में पुलिस पार्टी पर हमला, फायरिंग और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में डेरा सच्चा सौदा के 27 अनुयायियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कैथल की सेशन जज कंचन माही की अदालत ने सभी 27 आरोपियों को बरी कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों महिपाल, राजेश और रामफल की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से 26 आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता हरपाल सिंह दूहन ने की जबकि एक आरोपी की ओर से अधिवक्ता सुरेश मान अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 43 पन्नों का फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, 25 अगस्त 2017 को एएसआई सुखचेन को सूचना मिली थी कि राजौंद थाना क्षेत्र के गांव कोटड़ा में डेरा सच्चा सौदा के कुछ अनुयायी एकत्रित हुए हैं। बताया गया था कि करीब 60 से 70 लोग मोटरसाइकिलों पर वहां मौजूद थे और उनके पास गंडासे, लाठी-डंडे, पेट्रोल की बोतलें और अन्य हथियार थे।
सूचना मिलने के बाद एएसआई सुभाष चंद्र समेत पुलिस टीम निजी और सरकारी वाहनों से गांव कोटड़ा स्थित डेरे पर पहुंची। पुलिस का आरोप था कि वहां मौजूद भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। शिकायत के मुताबिक, भीड़ की ओर से फायरिंग की गई और पेट्रोल से भरी बोतलें पुलिस वाहनों पर फेंकी गईं। कुछ लोगों पर तलवार, गंडासी और डंडों से पुलिसकर्मियों पर हमला करने का भी आरोप लगाया गया। इस दौरान ईएएसआई सुरजीत सिंह और जसबीर सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई थी।
स्थिति बिगड़ने पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश से पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। आरोप है कि इसके बाद भीड़ राजौंद गांव की ओर चली गई और राजौंद पावर हाउस में आगजनी की। बाद में ग्रामीणों के साथ भी विवाद हुआ। आरोपों के अनुसार, भीड़ खेतों की ओर चली गई, जहां ग्रामीणों पर फायरिंग की गई। इस दौरान राम निवास के पैर में गोली लगने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 38 गवाह अदालत में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता, गवाह और प्रत्यक्षदर्शी आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहे। इसके चलते अदालत ने सभी 27 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
--आईएएनएस
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