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'कैसे जान गए हम कहां वोट करेंगे', राजभर के दावे पर जगदीश राय का पलटवार

'कैसे जान गए हम कहां वोट करेंगे', राजभर के दावे पर जगदीश राय का पलटवार
'कैसे जान गए हम कहां वोट करेंगे', राजभर के दावे पर जगदीश राय का पलटवार

लखनऊ, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के भीतर ही राजनीतिक रुख को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद पार्टी अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय शुरू से ही समाजवादी पार्टी के साथ हैं।

अब राजभर के इस दावे पर जगदीश नारायण राय ने पलटवार करते हुए कहा है कि राजभर को कैसे पता कि वह राज्यसभा चुनाव में कहां वोट करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में जगदीश नारायण राय ने कहा, "ओम प्रकाश, बड़े नेता हो गए हैं। उनका जवाब वही देंगे। हमसे उनसे कोई बातचीत नहीं है और न ही हमसे वह पूछें कि क्या करना है या क्या नहीं करना है। वह कैसे जान गए कि हम कहां वोटिंग करेंगे।"

जगदीश राय का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अब्बास अंसारी ने एक अक्टूबर को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद अब्बास ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब सपा राज्यसभा चुनाव में अपने तीसरे उम्मीदवार के लिए संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है।

इसके बाद ओम प्रकाश राजभर ने कहा था कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव जरूर जीते, लेकिन दोनों शुरू से समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। राजभर ने दावा किया कि दोनों विधायक चुनाव लड़ते समय भी सपा के साथ थे और उनकी पार्टी के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल किया गया था। राजभर ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सपा ने गठबंधन के दौरान सुभासपा को नाम के लिए सीटें दीं, लेकिन उनमें बड़ी संख्या में सीटों पर अपने नेताओं को सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ाया। उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद से ही ये नेता सपा के झंडे और बैनर के साथ प्रचार कर रहे हैं।

राजभर के इस दावे पर जगदीश राय ने अपने मतदान के रुख को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने उलटे कहा कि राज्यसभा चुनाव में कौन किसके संपर्क में है, इस तरह की बातें राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने किसी अतिरिक्त प्रत्याशी के मैदान में आने की संभावना से भी इनकार किया। जगदीश राय ने कहा, "कोई भी एक्स्ट्रा प्रत्याशी किसी भी पार्टी की तरफ से आने की संभावना नहीं है। सभी लोग निर्विरोध चुने जाएंगे। यह राजनीतिक लड़ाई है, सब हवा में बात करते हैं। इससे पता लगता है कि कौन क्या कर रहा है। कोई विधायक किसी के टच में तो नहीं है। यह सब होता रहता है और हमेशा हुआ है।"

ओम प्रकाश राजभर के साथ अपने रिश्ते को लेकर पूछे गए सवाल पर भी जगदीश राय ने सीधे राजनीतिक टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजभर के बयानों पर पहले भी कोई टिप्पणी नहीं की है और आगे भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "ओम प्रकाश राजभर के बयान पर कोई टिप्पणी मैंने कभी नहीं किया है और न करेंगे। इस कारण नहीं कि वह हमारे नेता हैं। उनके जैसे व्यक्तित्व को कुछ कहना अपनी कमजोरी महसूस होती है।"

राज्यसभा चुनाव के मौजूदा घटनाक्रम में अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आई है। इसके बाद राजभर ने अपने दो विधायकों के सपा के साथ होने का दावा किया, जबकि जगदीश राय ने अपने रुख को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा करने के बजाय राजभर के दावे पर ही सवाल उठा दिया। इससे सुभासपा के भीतर विधायकों के राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय दोनों 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए थे। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सूची में अब्बास अंसारी मऊ और जगदीश नारायण राय जफराबाद से सुभासपा विधायक दर्ज हैं।

राज्यसभा चुनाव के लिए सपा रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बना चुकी है। पार्टी के तीसरे उम्मीदवार को लेकर अभी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। ऐसे में सुभासपा के विधायकों का रुख चुनावी गणित में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल जगदीश राय ने यह साफ नहीं किया है कि वह राज्यसभा चुनाव में किसे वोट देंगे। उनका इतना जरूर कहना है कि उनके मतदान का फैसला कोई दूसरा व्यक्ति पहले से कैसे बता सकता है। ऐसे में अब राज्यसभा चुनाव से पहले सुभासपा के इन दोनों विधायकों का अंतिम रुख राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है।

--आईएएनएस

विकेटी/एसके

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