जेएसएससी-सीजीएल रद्द होने पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का ऐलान- अभी बहुत लड़ाई बाकी है
रांची, 17 अगस्त (आईएएनएस)। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने इसे अपने लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण सफलता बताया। इस मुद्दे पर 16 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह खुशी का अंतिम पड़ाव नहीं है और शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
14 दिन से अनशन कर रही छात्रा हबीबा ने सरकार के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वह इस समय बेहद खुश हैं और लंबे संघर्ष के बाद ऐसा लग रहा है कि उनकी मेहनत सफल हुई है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, "आज मेरे पांव जमीन पर नहीं हैं।"
देवेंद्र महतो ने कहा कि आंदोलनकारियों ने जिस गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ संघर्ष शुरू किया था, सरकार ने उस पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जिस मकसद से छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर आंदोलन कर रहे थे और अनशन पर बैठे थे, उनकी प्रमुख मांग पूरी हुई है।
उन्होंने कहा, “हमारे सिस्टम में जो गड़बड़ी और धांधली हुई थी, उस पर कार्रवाई हुई है। हमारी मांगों को पूरा किया गया है। लेकिन इसमें खुशी की बात नहीं है, क्योंकि अभी बहुत लड़ाई बाकी है।” महतो ने इस फैसले के लिए सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उनकी लड़ाई पूरे शिक्षा और परीक्षा तंत्र में सुधार को लेकर होगी। उनका कहना था कि केवल एक परीक्षा रद्द करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिसमें भविष्य में किसी भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
उन्होंने आंदोलन के दौरान साथ देने वाले छात्रों, अभिभावकों, मीडिया, पुलिस-प्रशासन और सरकार के प्रति भी आभार जताया। महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लिया और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय किया। उन्होंने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाएंगी और कथित भ्रष्टाचार के पीछे मौजूद लोगों की पहचान कर कार्रवाई करेंगी।
महतो ने कहा कि जांच को निष्पक्ष और व्यापक तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि कथित परीक्षा गिरोहों के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचना होगा। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक देवेंद्र नाथ महतो और हबीबा ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया था। दोनों अभी अनशन पर हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद आगे की प्रक्रिया और उनकी अन्य मांगों पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही अनशन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
सरकार ने सोमवार देर शाम कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।
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