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'जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा,' राजू कुमार सिंह को सजा पर बोले श्याम रजक

'जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा,' राजू कुमार सिंह को सजा पर बोले श्याम रजक
'जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा,' राजू कुमार सिंह को सजा पर बोले श्याम रजक

पटना, 5 जुलाई (आईएएनएस)। 2018 में जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में दिल्ली की एक अदालत द्वारा भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की सजा सुनाए जाने पर जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने कहा कि न्यायपालिका के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करता है और जो जैसा करता है, उसे वैसा ही परिणाम भुगतना पड़ता है।

आईएएनएस से बातचीत में श्याम रजक ने कहा, "सीधी सी बात है कि अगर उन्होंने ऐसा किया है तो न्यायपालिका ने उन्हें सजा दी है। न्यायपालिका पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। अदालत उपलब्ध तथ्यों, जांच और सबूतों के आधार पर फैसला देती है। उस फैसले पर अनावश्यक टिप्पणी करना उचित नहीं है।"

उन्होंने कहा कि राजू कुमार सिंह जनप्रतिनिधि हैं और उनका लंबा राजनीतिक जीवन रहा है, लेकिन यदि किसी मामले में अदालत ने उन्हें दोषी माना है तो उसके पीछे कानूनी प्रक्रिया और जांच के आधार रहे होंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को अदालत में अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलता है और उसी के बाद न्यायालय निर्णय देता है।

इस दौरान श्याम रजक ने बिहार के उद्योग मंत्री अशोक चौधरी द्वारा भारत तिवारी के परिवार से मुलाकात किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का पीड़ित परिवार के पास जाकर संवेदना व्यक्त करना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने कहा कि किसी की भी मौत दुखद होती है, चाहे वह पुलिस की गोली से हुई हो या किसी अन्य कारण से। हत्या का कोई समर्थन नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, "गोली, गोली होती है और हत्या, हत्या होती है। किसी भी समस्या का समाधान हिंसा से नहीं बल्कि बातचीत और संवाद से निकलता है। यदि कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के बीच जाकर उनका दुख साझा करता है तो यह अच्छी बात है और उसका स्वागत होना चाहिए।"

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में केवल एक घटना नहीं हुई है, बल्कि दलित समाज, महिलाओं और अन्य वर्गों से जुड़े कई लोगों की भी हत्याएं हुई हैं। ऐसे सभी पीड़ित परिवारों के प्रति समान संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को उन परिवारों के बीच भी जाना चाहिए और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने चाहिए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस पर श्याम रजक ने पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी का नेतृत्व प्रभावी नहीं दिख रहा है और जिस समय कार्यकर्ता स्थापना दिवस मना रहे हैं, उस समय शीर्ष नेतृत्व विदेश में है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए केवल स्थापना दिवस मनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके पास स्पष्ट दृष्टि, विचार और नेतृत्व भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा, "अगर किसी दल के पास न विजन है, न विचार है, न नेतृत्व का अनुभव और न ही स्पष्ट नीयत, तो केवल आयोजन करने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। मेरा मानना है कि राष्ट्रीय जनता दल अपने मूल मुद्दों से भटक चुका है और यही उसकी सबसे बड़ी चुनौती है।"

लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल किए जाने के सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षा समिति के आकलन पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर खतरे के आकलन के अनुसार सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया जाता है और यह पूरी तरह विशेषज्ञ समिति का विषय है।

उन्होंने कहा, "सुरक्षा समिति स्वतंत्र रूप से काम करती है। वह उपलब्ध इनपुट और खतरे के आकलन के आधार पर तय करती है कि किसे किस स्तर की सुरक्षा दी जानी चाहिए। कभी सुरक्षा बढ़ाई जाती है तो कभी घटाई जाती है। इस प्रक्रिया पर राजनीतिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए श्याम रजक ने कहा कि वैश्विक संकट के समय पूरा देश केंद्र सरकार के साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सरकार ने रणनीतिक तरीके से काम किया और देश में ऊर्जा संकट का असर आम लोगों पर न्यूनतम रखने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि तेल आपूर्ति से जुड़े वैश्विक संकट के दौरान केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों और विभिन्न देशों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया। इसके कारण भारत में आम लोगों को बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार सराहना के पात्र हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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