जेएनयू कैंपस में विवादित नारे लगना दुर्भाग्यपूर्ण: मंत्री दिलीप जायसवाल
पटना, 6 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने राजधानी दिल्ली स्थित जेएनयू कैंपस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबंध में लगाए गए विवादित नारे की तीखी आलोचना की। ये नारे दिल्ली दंगे में संलिप्त शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका नामंजूर करने के विरोध में लगाए गए थे, जिसकी आलोचना करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि ऐसे देश विरोधी लोगों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में देश विरोधी और विवादित नारे लगाए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस यूनिवर्सिटी का सहारा लेकर कुछ लोग लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन, देश की जनता सबकुछ देख रही है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि कुछ देश विरोधी तत्व जेएनयू में देश विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा देश लोकतंत्र के सिद्धांतों पर चलता है। देश में इस तरह का दूषित माहौल 'अभिव्यक्ति की आजादी' का सहारा लेकर बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से दुखद है। अभिव्यक्ति की आजादी इस देश में किसी को भी देश विरोधी नारे लगाने की इजाजत नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चिन्हित करके तत्काल फांसी की सजा देनी चाहिए। ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। आप पाकिस्तान और चीन की हालत देख लीजिए। अगर कोई इन दो मुल्को में देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके साथ कैसा सलूक किया जाता है। लेकिन, यह अफसोस की बात है कि हमारे यहां ऐसे लोग लगातार देश विरोधी नारे लगाने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। इनके खिलाफ फौरन कार्रवाई होनी चाहिए। इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जा सकती है। यही नहीं, ऐसे लोगों को देशद्रोही भी घोषित किया जाना चाहिए।
वहीं, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने बांग्लादेश की बागडोर संभाल रहे लोगों से अपील की कि हिंदुओं पर अत्याचार बंद करे। भारत हिंदुओं पर अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं कर सकता है। भारत एक ऐसा देश है, जहां पर विभिन्न धर्मों के लोग पूरी आजादी के साथ रहते हैं। ऐसी स्थिति में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा हमला दुर्भाग्यपूर्ण है।
--आईएएनएस
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