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ज‍िनका युद्ध से संबंध नहीं उन लोगों और जगहों को न‍िशाना बना रहा रूस : जेलेंस्‍की

जिनका युद्ध से संबंध नहीं उन लोगों और जगहों को निशाना बना रहा रूस : जेलेंस्की
ज‍िनका युद्ध से संबंध नहीं उन लोगों और जगहों को न‍िशाना बना रहा रूस : जेलेंस्‍की

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। रूस ने एक बार फ‍िर मिसाइलों और ड्रोन का इस्‍तेमाल करके यूक्रेन के कीव शहर में तबाही मचाई। यूक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया क‍ि यह बहुत बड़ा हमला था। रूस ने उन जगहों को न‍िशाना बनाया है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था। रूस के इन हमलों में 17 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और करीब 44 लोग घायल हुए हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''जानकारी के मुताबिक, कीव और कीव क्षेत्र पर रूस के बड़े हमले में 44 लोग घायल हुए हैं। दुख की बात है कि 17 लोगों की मौत भी हो गई है। मैं उनके परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।''

जेलेंस्की ने पोस्‍ट में आगे ल‍िखा, ''यह बहुत बड़ा हमला था। इसमें 24 बैलिस्टिक मिसाइलें, चार 'जिरकॉन/ओनिक्स' मिसाइलें और 115 अन्य ड्रोन इस्तेमाल किए गए, जिनमें से काफी संख्या में डिकॉय (भ्रम पैदा करने वाले) ड्रोन भी शामिल थे।''

जेलेंस्की ने कहा क‍ि हमले के मुख्य निशाने नागरिक कंपनियों के गोदाम थे। इसके अलावा बुनियादी ढांचे और एक रेलवे स्टेशन पर भी हमले किए गए। जिन जगहों को निशाना बनाया गया, उनका युद्ध से कोई सीधा संबंध नहीं था, जैसे एक ब्रूइंग कंपनी, निर्माण सामग्री के गोदाम और नागरिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं।

जेलेंस्की ने कहा क‍ि आज जिन लोगों की जान गई, उन्हें बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाले इंटरसेप्टर सिस्टम बचा सकते थे। यह बहुत जरूरी है कि हमारे साझेदार समझें कि इन इंटरसेप्टरों की आपूर्ति में देरी या एंटी बैलिस्टिक सिस्टम देने की अनिच्छा सीधे तौर पर ऐसी दुखद मौतों और भारी तबाही का कारण बनती है।

उन्‍होंने कहा क‍ि जो साझेदार इस समय इंटरसेप्टरों की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं, वे नए प्रतिबंध लगाकर मदद कर सकते हैं। रूस के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा अभी तक प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आया है। अभी और कदम उठाने की जरूरत है। जी7, यूरोपीय संघ (ईयू) और जीवन की रक्षा का समर्थन करने वाले सभी देशों को आगे आना चाहिए। जो लोग और देश इस तरह मदद करने के लिए तैयार हैं, उनका धन्यवाद।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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