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जिन लोगों ने मेरे बच्चे को किया परेशान, उनको जेल भेजना चाहिए: रवींद्र वाकोडे

जिन लोगों ने मेरे बच्चे को किया परेशान, उनको जेल भेजना चाहिए: रवींद्र वाकोडे
जिन लोगों ने मेरे बच्चे को किया परेशान, उनको जेल भेजना चाहिए: रवींद्र वाकोडे

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। आईआईटी बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करते हुए भूख हड़ताल शुरू की। परिवार ने अपने बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ कथित तौर पर उसे प्रताड़ित करने वालों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनके बेटे को परेशान किया, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारा साथ दें, हम गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हम लोगों ने मामले की जांच कर रहे आयोग के अधिकारियों से भी मुलाकात की है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और हम लोगों को उनसे न्याय की उम्मीद है।

रवींद्र ने अपने बेटे को एक होनहार छात्र बताते हुए कहा कि साहिल का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए हुआ था। साहिल को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े एक कार्यक्रम में करीब 50 लोगों की टीम का नेतृत्व करना था।

रवींद्र ने कहा कि उनका बेटा पढ़ाई और तकनीकी गतिविधियों में काफी अच्छा था और वह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वह आत्महत्या जैसा कदम कैसे उठा सकता था।

उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की। रवींद्र ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में हुई अन्य आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

साहिल के माता-पिता रवींद्र और सोनाली ने मुंबई में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से भी मुलाकात की। परिवार ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपते हुए साहिल की मौत की जल्द जांच कराने की मांग की।

साहिल के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे ने संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करने की बात परिवार को बताई थी। परिवार की मांग है कि जांच में इस पहलू को भी शामिल किया जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

आईआईटी बॉम्बे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पूर्व चेयरमैन शरद सराफ ने कहा, "इसका जवाब बहुत सीधा है। यह सब कहां से शुरू हुआ? एक छात्र परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा गया। परीक्षा ले रहे प्रोफेसर सूर्य ढोले ने उसे फोन का इस्तेमाल करके नकल करते हुए पकड़ा, यह घटना साफ तौर पर कैमरे में रिकॉर्ड हुई और आसपास के छात्रों ने भी इसे देखा। उन्होंने छात्र को डिपार्टमेंट हेड के पास भेजा और फोन जब्त कर लिया, लेकिन उसे प्यार से सलाह दी कि वह बिना सस्पेंशन या किसी और अनुशासनात्मक कार्रवाई के अपनी परीक्षा जारी रखे। हालांकि, छात्र अपने हॉस्टल लौट गया और दुखद रूप से इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली।"

बता दें कि साहिल आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। 18 सितंबर की शाम उन्हें हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया था।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी

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