झारखंड: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की विपक्ष से अपील, रिम्स-2 को लेकर सहयोगात्मक रवैया बनाकर रखें
रांची, 11 जून (आईएएनएस)। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने रिम्स-2 परियोजना को लेकर विपक्ष से अपील की कि वह अपना रवैया सहयोगात्मक बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की अड़चन पैदा न करें, क्योंकि मैं कोई भाजपा का कार्यालय नहीं बना रहा हूं, बल्कि आम लोगों के लिए एक बड़ा अस्पताल बना रहा हूं।
उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा, जिसमें आसपास के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। अभी स्थिति ऐसी है कि लोगों को अपना उपचार कराने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। इसके लिए बाकायदा हमारे राज्य की तरफ से 25 से 30 करोड़ की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है, लेकिन इस सहायता की कोई सार्थकता नहीं है, क्योंकि मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। कई बार तो मुझे इस तरह के फोन कॉल आते हैं कि हमारे पास एंबुलेंस नहीं हैं। मुझे यह भी जानकारी मिलती है कि लोगों ने उपचार कराने के लिए अपना जमीन तक बेच दिया। ऐसे में हमारे लोगों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं सब स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने अपने यहां पर अस्पताल निर्माण का फैसला किया है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों की इन्हीं पीड़ाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने फैसला किया कि हमारे यहां पर रिम्स-2 का निर्माण हर कीमत पर होना चाहिए, ताकि लोगों की हर प्रकार की बीमारियों का उपचार अपने ही राज्य में हो जाए। लिहाजा, उन्हें दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, क्योंकि जिन लोगों उपचार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है, उन्हें बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने साफ किया कि मेरा मकसद किसी को भी बेघर करना या परेशान करना नहीं है। मेरा मकसद लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें किसी दूसरे राज्य पर आश्रित नहीं रहना पड़े। लिहाजा, मैंने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति न करें, क्योंकि अगर राजनीति होगी तो हम ऐसी परियोजनाओं को धरातल पर नहीं उतार पाएंगे। जिस राज्य का शिक्षा और स्वास्थ्य ही बेहतर नहीं रहेगा तो वहां पर विकास के काम कैसे होंगे? लिहाजा, मेरी आप लोगों से अपील है कि मुझे समझने की कोशिश करें, मेरी भावनाओं को समझने की कोशिश करें कि आखिर मैं क्या करना चाहता हूं।
इसके अलावा, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक दलित की बेटी को सम्मान देने का फैसला किया, लेकिन भाजपा ने उसे साजिशन रोक दिया। उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। उधर, परिमल नथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया। आखिर यह दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
--आईएएनएस
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