झारखंडः राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला हुआ दिलचस्प, निर्दलीय परिमल नथवानी और विजय साई रेड्डी ने बढ़ाया सस्पेंस
रांची, 7 जून (आईएएनएस)। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाला द्विवार्षिक चुनाव दिलचस्प राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। सत्तारूढ़ इंडिया ब्लॉक के पास दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने लायक संख्या बल होने के बावजूद निर्दलीय दावेदारों की सक्रियता, संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं और विपक्ष की रणनीति ने चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया है।
इस चुनाव के लिए अब तक छह लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राजनीतिक सलाहकार प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और अनुसूचित जाति समुदाय के प्रभावशाली चेहरे बैजनाथ राम को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अभी तक अपने प्रत्याशी की औपचारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने से उनकी संभावित उम्मीदवारी की चर्चा है।
चुनाव में नया रोमांच तब पैदा हुआ जब शनिवार को उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र खरीदा। इसके बाद उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की। इसके अलावा आंध्र प्रदेश की राजनीति से जुड़े वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय साई रेड्डी ने भी नामांकन पत्र खरीदकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है। इन दोनों नामों के सामने आने के बाद चुनाव में संभावित जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गई हैं।
रवि यादव नामक एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने नामांकन पत्र खरीदा है, लेकिन उनके लिए प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों का समर्थन जुटाना भी मुश्किल माना जा रहा है। राज्यसभा की दोनों सीटों को लेकर सत्तारूढ़ इंडी गठबंधन के बीच भी रस्साकशी की स्थिति बन गई थी। कांग्रेस ने झामुमो को विश्वास में लिए बिना प्रणव झा के नाम की घोषणा कर दी थी, जिसपर झामुमो नेताओं ने नाराजगी जताई थी।
बाद में कांग्रेस के पर्यवेक्षकों छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट की। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होती है। महागठबंधन के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायकों सहित कुल 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटों पर जीत के लिए पर्याप्त संख्या है।
दूसरी ओर भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा सहित एनडीए के पास 24 विधायक हैं। एकमात्र अन्य विधायक जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम के पास है। चुनाव आयोग ने एक जून को अधिसूचना जारी की थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून है। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून निर्धारित है। मतदान और मतगणना 18 जून को होगी।
--आईएएनएस
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