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झारखंड राज्य बार काउंसिल के चुनाव का कार्यक्रम घोषित, 23 पदों के लिए 12 मार्च को होगा मतदान

रांची, 6 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी की स्वीकृति के बाद झारखंड स्टेट बार काउंसिल के बहुप्रतीक्षित चुनाव की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2026-31 के कार्यकाल के लिए काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान 12 मार्च 2026 को प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम के तहत कराया जाएगा।
झारखंड राज्य बार काउंसिल के चुनाव का कार्यक्रम घोषित, 23 पदों के लिए 12 मार्च को होगा मतदान

रांची, 6 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी की स्वीकृति के बाद झारखंड स्टेट बार काउंसिल के बहुप्रतीक्षित चुनाव की घोषणा कर दी गई है। वर्ष 2026-31 के कार्यकाल के लिए काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान 12 मार्च 2026 को प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम के तहत कराया जाएगा।

अधिसूचना के मुताबिक, यह चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 नवंबर 2025 और 8 दिसंबर 2025 को पारित आदेशों के अनुपालन में कराया जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को अस्थायी मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ होगी। इसके बाद 21 से 27 जनवरी तक मतदाता सूची पर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची 3 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 10 और 11 फरवरी को होगी। नामांकन पत्रों की जांच 13 फरवरी को होगी, जबकि उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची 14 फरवरी को जारी होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 17 फरवरी निर्धारित की गई है और 18 फरवरी को अंतिम उम्मीदवार सूची प्रकाशित की जाएगी।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के तहत झारखंड स्टेट बार काउंसिल की कुल सदस्य संख्या 25 है। इनमें से 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनमें 5 सीटें चुनाव के माध्यम से और 2 सीटें सह-नामांकन (को-ऑप्शन) के जरिए भरी जाएंगी। इसी प्रावधान के कारण इस बार 23 सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी अनिवार्य है कि निर्वाचित सदस्यों में न्यूनतम संख्या ऐसे अधिवक्ताओं की हो, जो कम से कम 10 वर्षों से स्टेट रोल पर दर्ज हों। चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया झारखंड स्टेट बार काउंसिल के डोरंडा स्थित नॉर्थ ऑफिस परिसर से संचालित की जाएगी। मतदान राज्य भर में निर्धारित केंद्रों पर कराया जाएगा, जबकि मतगणना की तिथि और स्थान का निर्धारण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बाद में किया जाएगा।

बार काउंसिल चुनाव को लेकर राज्यभर के अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व और बार की नीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी

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