झारखंड नगर निकाय चुनाव मतगणना : पाकुड़ में निर्दलीय शबरी पाल बनीं अध्यक्ष, रांची में भाजपा समर्थित रोशनी खलखो आगे
रांची, 27 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड के 48 नगर निकायों में हुए चुनाव की मतगणना के बीच अध्यक्ष और मेयर पदों की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। राज्य के 9 नगर निगम, 19 नगर परिषद और 20 नगर पंचायत में 23 फरवरी को मतदान हुए थे।
सभी निकायों में मतों की गिनती शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी है। बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण अंतिम परिणाम आने में समय लग रहा है, लेकिन कई प्रमुख निकायों में अध्यक्ष पद को लेकर जीत और बढ़त के स्पष्ट संकेत सामने आ चुके हैं। सबसे पहले पाकुड़ नगर परिषद में अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यहां शबरी पाल ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सेलिना सुल्तान को 2,353 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की।
शबरी पाल पूर्व में भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं, हालांकि इस चुनाव में उन्होंने किसी दल का आधिकारिक समर्थन नहीं लिया था। सेलिना सुल्तान को झारखंड मुक्ति मोर्चा का समर्थन प्राप्त था, जबकि पूर्व अध्यक्ष संपा साह भाजपा समर्थित उम्मीदवार थीं। राजधानी रांची नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो ने शुरुआती रुझानों में ही मजबूत बढ़त बना ली है।
अब तक की गिनती के अनुसार वह करीब 12 हजार मतों से आगे चल रही हैं। उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रमा खलखो और सुजीत कुजूर फिलहाल पीछे चल रहे हैं। देवघर नगर निगम में भी अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रीता चौरसिया ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है।
ताजा रुझानों के अनुसार वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से लगभग 2,300 मतों से आगे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित रवि राउत दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। चतरा नगर परिषद में अध्यक्ष पद की मतगणना में शुरुआती रुझानों के मुताबिक अमन कुमार 1,801 मतों के साथ आगे चल रहे हैं, जबकि राजेश कुमार 1,479 मतों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
गढ़वा नगर परिषद में भी अध्यक्ष पद के लिए दिलचस्प स्थिति बनी हुई है। निर्दलीय उम्मीदवार मासूम खान शुरुआती दौर में बढ़त बनाए हुए हैं और उन्हें अब तक 2,136 मत प्राप्त हुए हैं। वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से मामूली अंतर से आगे हैं। मासूम खान झारखंड मुक्ति मोर्चा से बगावत कर मैदान में उतरे हैं।
खूंटी नगर पंचायत में अध्यक्ष पद की गिनती जारी है और भाजपा समर्थित प्रत्याशी रानी टूटी अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रही हैं। राज्य में निकाय चुनाव गैर-दलगत आधार पर कराए गए हैं, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया था। ऐसे में अध्यक्ष और मेयर पदों के रुझानों को राजनीतिक दल अपने प्रभाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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