झारखंड में एसआईआरः मतदाता सूची पर अब 15 सितंबर तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति
रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी गई है। अब मतदाताओं को आवेदन और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। नोटिस और दावा-आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर को होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने शुक्रवार को बताया कि मतदाताओं की सुविधा और समयबद्ध तरीके से आवेदनों के निपटारे के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। इससे मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों, दावों और आपत्तियों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों से मिली मांग के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग से पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया था। मानसून, देवघर और दुमका में श्रावणी मेले तथा कृषि कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों के व्यस्त रहने को देखते हुए यह मांग की गई थी।
आयोग ने राज्य के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अब 15 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। नोटिस जारी करने और दावे-आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया 14 अक्टूबर तक पूरी होगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को किया गया था।
पुराने कार्यक्रम के अनुसार दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 4 सितंबर, इनके निष्पादन की अंतिम तारीख 3 अक्टूबर और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर को होना था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन सभी पात्र भारतीय नागरिकों से आवेदन करने की अपील की है, जिनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है। उन्होंने खासकर पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं से विस्तारित अवधि का लाभ उठाने और इसीआईनेट के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने को कहा है।
उन्होंने कहा कि युवा अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और आसपास के पात्र लोगों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य विवरण में किसी तरह की गलती होने पर फॉर्म-8 के जरिए सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र या विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।
--आईएएनएस
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