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झारखंड में एसआईआर : छूटे पात्र नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया तेज होगी, बीएलए को भी जिम्मेदारी

झारखंड में एसआईआर : छूटे पात्र नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया तेज होगी, बीएलए को भी जिम्मेदारी
झारखंड में एसआईआर : छूटे पात्र नागरिकों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया तेज होगी, बीएलए को भी जिम्मेदारी

रांची, 3 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रारूप प्रकाशन के बाद मतदाता सूची से छूटे पात्र भारतीय नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को इसके लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से नहीं छूटना चाहिए।

के. रवि कुमार ने सभी जिलों में अगले दो दिनों के भीतर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है। इसमें बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को उनके मतदान केंद्र क्षेत्र में छूटे पात्र नागरिकों की पहचान करने और उनसे फॉर्म-6 भरवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बीएलए जरूरी घोषणा या अंडरटेकिंग के साथ रोजाना अधिकतम 10 आवेदन संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास जमा कर सकते हैं।

निर्वाचन विभाग का मानना है कि बीएलए की सक्रिय भागीदारी से छूटे पात्र मतदाताओं की पहचान और उनका पंजीकरण तेजी से किया जा सकेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों को मतदाता पंजीकरण और सूची में बदलाव से जुड़े आवेदनों की जानकारी नियमित रूप से दी जा रही है। फॉर्म-6 से नए मतदाताओं के पंजीकरण, फॉर्म-7 से आपत्तियों और फॉर्म-8 से नाम, फोटो, जन्मतिथि जैसे विवरण में सुधार या एक मतदान केंद्र से दूसरे केंद्र में नाम स्थानांतरित करने से जुड़े आवेदनों की सूचियां हर सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। ये सूचियां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी विधानसभा क्षेत्रवार संबंधित सूचियों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध है। इससे राजनीतिक दल और उनके बीएलए आवेदनों की जानकारी देख सकते हैं और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

विभाग के अनुसार, मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर फॉर्म-7 के जरिए मिलने वाली आपत्तियों पर भी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर पर सुनवाई की जा रही है। सुनवाई और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आपत्तियों पर फैसला लिया जा रहा है।

के. रवि कुमार ने अधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता के साथ यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई पात्र नागरिक सूची से बाहर न रह जाए।

--आईएएनएस

एसएनसी/

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