झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान संपन्न, दोनों खेमों ने जताया जीत का भरोसा
रांची, 18 जून (आईएएनएस)। झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मतदान के बाद अब सभी की निगाहें शाम पांच बजे से होने वाली मतगणना और परिणाम पर टिकी हैं। चुनावी मुकाबला इंडी गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा एवं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के बीच हुआ है।
विधानसभा परिसर में सुबह से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एनडीए और इंडिया गठबंधन के विधायक अलग-अलग समूहों में मतदान के लिए पहुंचे। एनडीए के सभी 24 विधायक बस से एक साथ विधानसभा पहुंचे। इंडी गठबंधन के विधायकों ने भी सुबह 9 बजे से 2 बजे के बीच अलग-अलग समय पर पहुंचकर मतदान किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे। अंतिम वोट झामुमो के विधायक और राज्य सरकार के सुदिव्य कुमार ने डाला। मतदान के दौरान दोनों खेमों के नेताओं और विधायकों में उत्साह का माहौल देखा गया। मतदान के बाद एनडीए के कई विधायकों ने विधानसभा परिसर में विक्ट्री साइन दिखाते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया।
एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने कहा कि उन्हें सभी विधायकों पर भरोसा है और यदि अवसर मिला तो वह राज्य के विकास के लिए पहले की तरह काम करते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें विभिन्न दलों के विधायकों का समर्थन मिल रहा है।
दूसरी ओर इंडी गठबंधन भी पूरी तरह आश्वस्त नजर आया। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि दोनों सीटों पर इंडी गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं और संख्या बल उनके पक्ष में है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी कहा कि झारखंड अपनी राजनीतिक गरिमा और एकजुटता को बनाए रखेगा। इस चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से राज्य की राजनीति गर्म रही। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के विधायक रांची के एक होटल में ठहरे हुए थे, जबकि कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए अलग रणनीति अपनाई थी। राजनीतिक दलों की ओर से क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं और चुनावी गणित को लेकर लगातार बैठकों का दौर चलता रहा।
वोटों के गणित के हिसाब से पहली सीट पर झामुमो के बैजनाथ राम की जीत तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नाथवाणी के बीच मुकाबला हुआ है। अब मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी दलों की नजरें परिणाम पर टिक गई हैं, जो राज्य की राजनीति को नए संकेत दे सकते हैं।
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