झारखंड में नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच हो, 'बड़ी मछ्ली' को बचाने की कोशिश: दीपक प्रकाश
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में कथित नियुक्ति और रोजगार घोटाले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में राज्य सरकार के संरक्षण में रोजगार और नियुक्ति से जुड़ा बड़ा घोटाला हुआ है और इस मामले में सरकार पूरी तरह से घिरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मामले के तार नेपाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं, इसलिए इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।
दीपक प्रकाश ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि झारखंड में कथित नियुक्ति घोटाले को लेकर छात्रों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए। राज्य सरकार सीबीआई जांच से बच रही है क्योंकि मामले की जांच आगे बढ़ने पर कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। सरकार अगर राज्य की सीआईडी से जांच कराती है तो जांच का दायरा सीमित रहेगा। जांच के जरिए छोटे स्तर पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन कथित बड़े षड्यंत्र और उसके पीछे शामिल लोगों तक पहुंचना मुश्किल होगा। मामले की गंभीरता और कथित अंतरराज्यीय कनेक्शन को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है।
हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नियुक्ति घोटाले ने राज्य के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय किया है। छात्र लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं और उनकी मांग को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों के आंदोलन को समझने और उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की। प्रकाश ने दावा किया कि कथित घोटाले के तार नेपाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब मामला एक राज्य तक सीमित न होकर दूसरे राज्यों से भी जुड़ता हो, तब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी के स्तर पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांग के सामने झुकना पड़ेगा और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी होगी। जांच के बाज इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और न्याय की जीत होगी।
बातचीत के दौरान दीपक प्रकाश ने वंदे मातरम के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार संविधान की बात करती है, संविधान की पुस्तक लेकर राजनीतिक कार्यक्रम करती है और संविधान की शपथ की बात करती है, लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर उसका रुख अलग दिखाई देता है। सदन के माध्यम से वंदे मातरम को लेकर कानून बनाए जाने के बाद जो लोग कानून और संवैधानिक व्यवस्था का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी वंदे मातरम को लेकर ऐसा रुख अपना रही है, जिसे देश की जनता बारीकी से देख रही है।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा कांग्रेस पर चीन को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाए जाने के संदर्भ में भी दीपक प्रकाश ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक राजनीतिक रुख देश में भ्रम और अराजकता पैदा करने वाला रहा है। उन्होंने भारत-चीन सीमा विवाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। दीपक प्रकाश ने कहा कि आजादी के बाद देश के बड़े भूभाग से जुड़े विवादों और 1962 के भारत-चीन युद्ध को लेकर कांग्रेस की नीतियां सवालों के घेरे में रही हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन के कब्जे में करीब 32,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र होने का मुद्दा भी इसी संदर्भ में उठता है।
--आईएएनएस
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