झारखंड में आंदोलित छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस ने 18 अगस्त को बुलाई विशेष बैठक, तय होगी रणनीति
रांची, 16 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए 18 अगस्त को विशेष बैठक बुलाई है। बैठक में छात्र आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं में सुधार और युवाओं के मुद्दे पर पार्टी के रुख पर विस्तार से चर्चा होगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने रविवार को बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर बैठक 18 अगस्त को शाम चार बजे पुराने विधानसभा सभागार में होगी। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य और प्रदेश प्रभारी के राजू तथा सह-प्रभारी सिरी बेला प्रसाद भी मौजूद रहेंगे। बैठक में प्रदेश राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य, प्रदेश उपाध्यक्ष, सभी जिला प्रभारी और जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
पार्टी नेताओं से जमीनी स्तर की स्थिति और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जाएंगे। इसके आधार पर आंदोलन और सरकार के सामने उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। राकेश सिन्हा ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में सुधार और छात्र आंदोलनों को लेकर कांग्रेस की भूमिका बैठक का एक प्रमुख मुद्दा होगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित कराने के लिए पार्टी छात्रों की आवाज मजबूती से उठाएगी।
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने कहा कि बैठक में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भी चर्चा होगी। पार्टी झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों पर विधेयक के संभावित असर को लेकर अपनी रणनीति तय करेगी।
उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कानून, 2013 के तहत विस्थापितों और भूमि प्रभावित परिवारों के अधिकारों का मुद्दा भी बैठक में उठेगा। इसके अलावा एसआईआर-2026 के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं को सहायता देने में कांग्रेस की भूमिका पर भी विचार किया जाएगा।
सिन्हा ने कहा कि 18 अगस्त की बैठक के बाद कांग्रेस छात्र आंदोलन समेत झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आगे की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट रणनीति के साथ सामने आएगी।
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