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झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट, मंत्री रील बनाने में मस्त: भाजपा

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट, मंत्री रील बनाने में मस्त: भाजपा
झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट, मंत्री रील बनाने में मस्त: भाजपा

रांची, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन और उनकी लंबित मांगों को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी पर स्वास्थ्य व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता ने 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के बकाया मानदेय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब 2,000 चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जुलाई 2026 से मानदेय नहीं मिला है। राज्य में करीब 500 एंबुलेंस के संचालन से जुड़ा यह मामला गंभीर है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

महतो ने कहा कि एंबुलेंस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बाधित होने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि कर्मचारियों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने की शिकायत है, तो स्वास्थ्य विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

उन्होंने सरकार से बकाया भुगतान सुनिश्चित करने और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस कर्मी बकाया मानदेय के अलावा ईपीएफ, ईएसआईसी, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम मजदूरी और बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की मांग भी कर रहे हैं। सरकार को इन मुद्दों का समयबद्ध समाधान करना चाहिए, ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।

भाजपा प्रवक्ता ने डॉक्टरों की मांगों का भी समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में 10 चिकित्सा संगठनों ने संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू किया है। चिकित्सक मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, सुरक्षा, डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी), नियमित नियुक्तियों और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।

महतो के अनुसार, चिकित्सकों ने 20 अक्टूबर तक काला बिल्ला लगाकर विरोध जताने, 21 अक्टूबर को सांकेतिक आंदोलन करने और मांगें पूरी नहीं होने पर 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और समय पर नियुक्तियां सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, नर्स, जरूरी दवाएं और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

महतो ने स्वास्थ्य मंत्री से एंबुलेंस कर्मियों और चिकित्सकों की मांगों पर स्थिति स्पष्ट करने तथा उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना सामने रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सामने आ रही समस्याओं की जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच

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