झारखंड के सरकारी डॉक्टर नियुक्ति, प्रमोशन और सेवा शर्तों को लेकर 5 अक्टूबर से करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
रांची, 20 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में डॉक्टरों की नियुक्ति, प्रमोशन और सेवा शर्तों को लेकर झारखंड स्वास्थ्य सेवा संघ (झासा) ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के अनुसार, 5 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना और 22 अक्टूबर से राज्यभर में कार्य बहिष्कार किया जा सकता है। रविवार को हुई झासा की जनरल बॉडी मीटिंग में डॉक्टरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद आंदोलन का फैसला लिया गया।
संघ के सचिव डॉ. मृत्युंजय ठाकुर ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति, डायनेमिक एसीपी और जेपीएससी के माध्यम से रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टरों के खाली पदों को नियमित नियुक्ति के जरिए भरा जाना चाहिए। संघ लगातार संविदा के आधार पर नियुक्तियों का विरोध करता रहा है।
झासा का कहना है कि योग्य एमबीबीएस और विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियमित नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए। डॉ. ठाकुर ने डॉक्टरों के लिए केंद्र और बिहार की तर्ज पर डायनेमिक एसीपी लागू करने की मांग की। उनके अनुसार, इससे सेवा अवधि के आधार पर समयबद्ध करियर प्रोग्रेशन और वित्तीय लाभ मिल सकेगा।
संघ का कहना है कि प्रमोशन और करियर प्रोग्रेशन की व्यवस्था स्पष्ट और समयबद्ध होनी चाहिए। डॉमबिमलेश सिंह ने कहा कि राज्य में वर्ष 2015 से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से काम लिया जा रहा है, लेकिन अब तक उनके लिए स्पष्ट नियमावली नहीं बनाई गई है। उन्होंने दूसरे राज्यों से डॉक्टरों को लाने की योजना पर भी सवाल उठाया और कहा कि पहले राज्य में उपलब्ध डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 22 अक्टूबर से डॉक्टर कार्य बहिष्कार का फैसला ले सकते हैं। डॉ अजीत कुमार ने डॉक्टरों को समय पर प्रमोशन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सेवा शर्तों और विभागीय आदेशों में स्पष्टता नहीं होने से कई डॉक्टर नौकरी छोड़ने को मजबूर होते हैं।
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