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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन पहुंचे: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में देंगे व्याख्यान, स्वागत से हुए अभिभूत

रांची/लंदन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा पर बुधवार देर रात लंदन पहुंचे। लंदन पहुंचने पर झारखंडी स्कॉलर्स और भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लंदन पहुंचे: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में देंगे व्याख्यान, स्वागत से हुए अभिभूत

रांची/लंदन, 22 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा पर बुधवार देर रात लंदन पहुंचे। लंदन पहुंचने पर झारखंडी स्कॉलर्स और भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इससे पहले, सीएम हेमंत के नेतृत्व वाले राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शिरकत की और वैश्विक कंपनियों को झारखंड में निवेश के लिए आमंत्रित किया। लंदन पहुंचने पर स्वागत की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपनों द्वारा किए गए स्नेहपूर्ण स्वागत से वे अभिभूत और निशब्द हैं। उन्होंने सभी का धन्यवाद करते हुए 'जोहार' कहा।

हेमंत सोरेन के साथ सरकारी प्रतिनिधिमंडल में उनकी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 23 जनवरी को विश्वविख्यात ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में व्याख्यान देंगे। इस दौरान वे आदिवासी बहुल और संसाधन-समृद्ध राज्यों में टिकाऊ विकास के अनुभवों, संभावनाओं और चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम में 'सस्टेनेबल और ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन, जिम्मेदार खनिज-आधारित विनिर्माण और समावेशी निवेश-आधारित विकास' विषय पर संवाद आयोजित किया जाएगा। इस संवाद में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रोफेसर और ऑल सोल्स कॉलेज की फेलो प्रो. अल्पा शाह तथा ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की प्रोफेसर माया ट्यूडर भी शामिल होंगी।

चर्चा का केंद्र बिंदु प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास की वह अवधारणा होगी जिसे झारखंड सरकार अपने विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने वाले झारखंड के पहले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा है कि वे 23 जनवरी को होने वाले इस संवाद को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में विकास को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस मंच के माध्यम से झारखंड के विकास मॉडल को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह संवाद झारखंड में भविष्य के निवेश, नीति निर्माण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएसके

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