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झारखंड : जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद की आय और संपत्ति पर बाबूलाल ने उठाए सवाल, जांच की मांग

झारखंड : जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद की आय और संपत्ति पर बाबूलाल ने उठाए सवाल, जांच की मांग
झारखंड : जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद की आय और संपत्ति पर बाबूलाल ने उठाए सवाल, जांच की मांग

रांची, 24 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के सदस्य जमाल अहमद की कथित आय से अधिक संपत्ति की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की मांग की है।

इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने ऐसे सदस्यों की मौजूदगी में जेपीएससी की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में आरोप लगाया है कि जमाल अहमद ने आयोग के सदस्य रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर चल और अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। उन्होंने दावा किया कि रांची में उनके पास एक बड़ा फ्लैट है और शहर में एक अन्य फ्लैट खरीदने की तैयारी की सूचना है। इसके अलावा हजारीबाग में भी उनके नाम अथवा बेनामी संपत्तियां होने का आरोप लगाया गया है।

उन्होंने पत्र में कहा कि जमाल अहमद पहले प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे और वर्ष 2008 में उनकी नियुक्ति लेक्चरर के पद पर हुई थी। उस नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति की नियुक्ति प्रक्रिया ही जांच के दायरे में हो, उसे जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य नहीं बनाया जाना चाहिए था।

मरांडी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के दबाव में नियमों की अनदेखी कर जमाल अहमद की नियुक्ति की गई। उन्होंने कहा कि इससे आयोग की निष्पक्षता और राज्य के युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जमाल अहमद की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आय के स्रोतों की एसीबी से विस्तृत जांच कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें तत्काल जेपीएससी सदस्य के पद से हटाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद के बाद जेपीएससी की कार्यप्रणाली पहले से ही जांच के दायरे में है। मामले की जांच सीआईडी कर रही है और आयोग से जुड़े कई अधिकारियों तथा परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एसके

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