झारखंडः हजारीबाग में किशोर की हत्या के तीन आरोपियों को सीबीआई अदालत ने ठहराया दोषी, दो बरी
हजारीबाग, 2 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड के हजारीबाग में साल-2022 के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने दोषी करार दिए गए आरोपियों की सजा पर सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने सोमवार को जिन तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है, उनमें मोहम्मद असलम अंसारी उर्फ पप्पू मियां, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद गुफरान शामिल हैं।
वहीं, मोहम्मद इरफान और इस्तखार मियां को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
दरअसल, 6 फरवरी 2022 की शाम हजारीबाग जिले के बरही में 17 वर्षीय किशोर रूपेश पांडेय की सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रूपेश अपने चाचा के साथ पूजा देखने गया था, तभी विसर्जन जुलूस के दौरान एक हिंसक भीड़ ने उसे निशाना बनाया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
इस घटना के बाद पूरे झारखंड में भारी आक्रोश फैल गया था और कई जिलों में तनावपूर्ण हालात उत्पन्न हो गए थे। हत्या के बाद बरही थाना में कुल 27 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2022 को इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।
इसके बाद सीबीआई ने मामले की विस्तृत जांच कर आरोपपत्र दाखिल किया और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हुई। घटना के समय इसे लेकर राज्यभर में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
कई जिलों में निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी थी और प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। अब सीबीआई अदालत के फैसले के बाद सभी की नजरें 5 फरवरी को होने वाली सजा पर सुनवाई पर टिकी हैं, जहां दोषियों को मिलने वाली सजा पर अंतिम निर्णय होगा।
--आईएएनएस
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