Samachar Nama
×

झारखंड : घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मतदान को लेकर उत्साह, सुबह नौ बजे तक 17.33 प्रतिशत वोट पड़े

घाटशिला, 11 नवंबर (आईएएनएस)। झारखंड घाटशिला विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए मंगलवार सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। पूर्वाह्न 9 बजे तक 17.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
झारखंड : घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मतदान को लेकर उत्साह, सुबह नौ बजे तक 17.33 प्रतिशत वोट पड़े

घाटशिला, 11 नवंबर (आईएएनएस)। झारखंड घाटशिला विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए मंगलवार सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। पूर्वाह्न 9 बजे तक 17.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि मतदान की निगरानी भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, जिला निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और आरओ कार्यालय से वेबकास्टिंग के माध्यम से की जा रही है। सभी मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया पर रीयल टाइम निगरानी बनी रहे।

उन्होंने कहा कि “घाटशिला उपचुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं।”

इस उपचुनाव में 2 लाख 56 हजार 352 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 13 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए 231 स्थानों पर 300 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें सभी को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया गया है। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। प्रशासन ने बूथों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।

अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र पर पुलिस और मजिस्ट्रेट मौजूद हैं। अब तक किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। इस सीट से विधायक रहे रामदास सोरेन के कुछ माह पहले आकस्मिक निधन की वजह से यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दिवंगत रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश चंद्र सोरेन को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व सीएम चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन को मैदान में उतारा है। मुकाबला मुख्य रूप से इन्हीं दोनों के बीच माना जा रहा है। हालांकि राजनीतिक हलकों में यह लड़ाई “हेमंत बनाम चंपई” के रूप में भी देखी जा रही है। हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह पहला उपचुनाव है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएस

Share this story

Tags