झारखंड छात्र आंदोलन पर शाइना एनसी बोलीं, राहुल गांधी के पास न विजन है, न समाधान
मुंबई, 9 अगस्त (आईएएनएस)। नीट विवाद, जेपीएससी विरोध और परिसीमन सहित कई मामलों को लेकर शिवसेना नेता शाइना एनसी की प्रतिक्रिया सामने आई है।
धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर आईएएनएस से बातचीत करते हुए शाइना एनसी ने कहा कि जेन-जी हमारी प्राथमिकता है, लेकिन जो विदेशी ताकत भारत को अस्थिर करना चाह रही है, उस दृष्टिकोण से जेन-जी का इस्तेमाल करना बहुत गंभीर बात है। इस पर भी ध्यान देने का जरूरत है। देश को विश्व गुरु बनाने के लिए और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए जेन-जी का योगदान हम सबको मालूम है।
एनसीपी (एसपी) के आठ सांसदों के पीएम मोदी से होने वाली मुलाकात को लेकर शाइना एनसी ने कहा कि "प्रधानमंत्री किसी खास पार्टी के प्रधानमंत्री नहीं होते। वे देश के प्रधानमंत्री होते हैं। ऐसे में जब कोई सांसद उनसे मिलना चाहेंगे, तो वे उनसे मिलेंगे। वे उनके काम से प्रभावित हैं, इसलिए ऐसा होता रहेगा। इसे लेकर किसी भी तरह की अटकलबाजी की जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा कि बहुत सारे दल प्रधानमंत्री और एनडीए के साथ आना चाहते हैं, उनका हम स्वागत करेंगे।
झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर शिवसेना नेता ने कहा, "राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि यह छात्रों का आंदोलन है। जब झारखंड में पेपर लीक होता है, तो छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय आप राजनीति कर रहे हैं, तो पहले हमें बताएं कि आपके सुझाव क्या हैं, आपके समाधान क्या हैं और आपका विजन प्लान क्या है? उन्होंने कुछ भी पेश नहीं किया है।" उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी, गृह मंत्री और आरएसएस पर निशाना साधते हैं। यह उनका बिल्कुल फेल फॉर्मूला है।
लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, "उन्हें खुद ही पता होना चाहिए, क्योंकि उनकी आवाज शायद ही सुनी जा रही है। उनके पास कोई विजन प्लान नहीं है और कोई एजेंडा नहीं है। सिर्फ बयान देने और झूठी बातें फैलाने से छात्रों को कोई समाधान नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा के बाद उठे मुद्दों को उठाया है और उन्हें बिंदुवार संबोधित किया है, जो भारत में युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।"
उद्धव ठाकरे की ओर से 'गद्दार' शब्द इस्तेमाल किए जाने को लेकर शाइना एनसी ने कहा, "उद्धव ठाकरे को 'गद्दार' शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जब वह 2019 में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गए थे, तो उन्होंने किसके साथ गद्दारी की थी? किस विचारधारा से गद्दारी की थी? यह तो हम सब जानते हैं।
--आईएएनएस
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