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झारखंड छात्र आंदोलन : देर रात पहुंची पुलिस ने छात्रों को धमकाकर भगाने का किया प्रयास, लाइटें भी बंद की

झारखंड छात्र आंदोलन : देर रात पहुंची पुलिस ने छात्रों को धमकाकर भगाने का किया प्रयास, लाइटें भी बंद की
झारखंड छात्र आंदोलन : देर रात पहुंची पुलिस ने छात्रों को धमकाकर भगाने का किया प्रयास, लाइटें भी बंद की

रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पिछले 19 दिनों से डटे हुए हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। इस बीच मंगलवार देर रात एक बार भी पुलिस अधिकारी सिविल ड्रेस में धरनास्थल पर पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि सभी स्ट्रीट लाइटों को बंद कर उन्हें डरा धमकाकर भगाने की कोशिश की गई।

एक प्रदर्शनकारी ने आईएएनएस से कहा, "आज हमारे विरोध प्रदर्शन का 19वां दिन है और हमें लगातार सरकार की तरफ से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। देर रात एसपी, डीसी, एसएसपी और अन्य अधिकारी यहां आए थे। वे मंगलवार रात 12:30 बजे आए। करीब 1 घंटे बाद महिला पुलिसकर्मी भी बिना यूनिफॉर्म के पहुंचीं।"

उन्होंने कहा, "अधिकारियों ने सबसे पहले स्टेडियम और आसपास लगी सभी स्ट्रीट लाइटों को बंद करवा दिया। इसके बाद छात्रों की पहचान कर नाम और मोबाइल से तस्वीरें ली गईं। वे जेपीएससी और जेएसएससी के सभी छात्रों को अलग-अलग कर रहे थे। हमें उनकी मंशा समझ नहीं आई। हम एक साथ विरोध कर रहे हैं क्योंकि दोनों समूह प्रभावित हैं और लंबे समय से परेशानियां झेल रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह सब एक-दो साल से हो रहा है। हमें लगता है कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है, तब से हम परेशानियां झेल रहे हैं"

छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी छात्रों को धमका रहे थे और कह रहे थे "तुम लोग जाओ यहां से"। वो लोग छात्रों को मारकर खादेड़ने के चक्कर में लगे हुए थे।

धरना स्थल पर देर रात एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई थी। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने कहा था कि "जो लोग भूख हड़ताल पर हैं उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाया जाएगा"। हालांकि मीडिया कर्मियों के पहुंचने और सवाल पूछने के बाद पुलिसकर्मी रजिस्टर में नाम लिखकर वापस चले गए। यह सिलसिला करीब तड़के साढ़े तीन बजे तक चला।

छात्रों ने कहा कि "हमने 10 तारीख को विधानसभा तक मार्च करने का आह्वान किया लेकिन सरकार ने 8 तारीख को ही छात्रों को वहां से हटाने की कोशिश शुरू कर दी थी। 10 तारीख को विधानसभा तक मार्च करने के बाद प्रशासन मंगलवार रात करीब 12:30 बजे यहां आया और छात्रों की तस्वीरें मोबाइल फोन से लीं और उनके नाम नोट किए। पुलिस उनके घरों पर भी भेजी जा रही है।"

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "बहुत से लोग आए हैं, यहां काफी लोग आए हैं। सुबह-सुबह बाबूलाल मरांडी यहां आए थे। काफी बातचीत हुई और उन्होंने मीडिया के सामने छात्रों के बारे में बात की। इतने सारे लोग यहां बैठे हैं और उनकी तबीयत बिगड़ रही है।"

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार हमें बांटने का प्रयास कर रही है ताकि छात्र अलग-अलग ग्रुपों में बंट जाएं लेकिन हम एक हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम अपनी बात पर अड़े रहेंगे।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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