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झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों पर मुकदमे के खिलाफ भाजपा का 8 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन

झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों पर मुकदमे के खिलाफ भाजपा का 8 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन
झारखंड: भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और छात्रों पर मुकदमे के खिलाफ भाजपा का 8 सितंबर से राज्यव्यापी आंदोलन

रांची, 7 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और परीक्षा में अनियमितता के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा का चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन आठ सितंबर से शुरू होगा।

पार्टी 8 से 11 सितंबर तक राज्य के 24 जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों का घेराव करेगी।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने सोमवार को बताया कि आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने, भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है।

बाउरी के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर विभिन्न जिलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आंदोलन की जिम्मेदारी दी गई है। आदित्य साहू 8 सितंबर को रांची, 9 सितंबर को सरायकेला और 11 सितंबर को खूंटी में आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी 8 सितंबर को दुमका, 9 को पाकुड़, 10 को साहिबगंज और 11 सितंबर को गोड्डा में मौजूद रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 8 सितंबर को हजारीबाग, 10 को धनबाद और 11 सितंबर को लोहरदगा में, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा 8 सितंबर को जमशेदपुर, 9 को बोकारो और 11 सितंबर को रामगढ़ में आंदोलन में शामिल होंगे।

पूर्व सांसद समीर उरांव सिमडेगा, गुमला, चाईबासा और गिरिडीह में, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय चतरा और जामताड़ा में तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश पलामू और लातेहार में आंदोलन की कमान संभालेंगे।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ 8 सितंबर को गढ़वा, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल 9 सितंबर को कोडरमा और पूर्व मंत्री नीरा यादव 11 सितंबर को देवघर के कार्यक्रम में शामिल होंगी।

बाउरी ने कहा कि आंदोलन के लिए जिलावार संयोजक भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए पहले अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसके बाद पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच

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