झारखंडः बैद्यनाथ धाम श्रावणी मेले के लिए हवाई दर्शन सेवा, हेलीकॉप्टर से 15 मिनट में पहुंचे बासुकीनाथ
रांची, 3 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में चल रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए झारखंड सरकार 4 अगस्त से देवघर और बासुकीनाथ के बीच विशेष हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन) की पहल पर शुरू की जा रही इस सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को कम समय में सुरक्षित हवाई यात्रा और धार्मिक स्थलों का आकाशीय दर्शन कराना है।
वर्तमान में सड़क मार्ग से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर से बासुकीनाथ धाम पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगता है। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 15 मिनट में तय की जा सकेगी। इस सेवा का मुख्य परिचालन केंद्र दुमका जिले के बासुकीनाथ हेलीपैड को बनाया गया है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक हवाई यात्रा ही नहीं, बल्कि आकाशीय दर्शन के विशेष पैकेज भी तैयार किए गए हैं। देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम और आसपास के क्षेत्र का सात से दस मिनट का हवाई दर्शन 2,850 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से कराया जाएगा। इसी दर पर बासुकीनाथ धाम का भी हवाई परिदर्शन उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा देवघर से त्रिकूट पर्वत के हवाई दर्शन का 10 से 15 मिनट का पैकेज 3,750 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।
वहीं, देवघर से बासुकीनाथ तक एकतरफा हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए प्रति यात्री 4,500 रुपए का किराया तय किया गया है। नागर विमानन विभाग के अनुसार, इस सेवा के लिए बेल-407 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें एक पायलट के अलावा अधिकतम पांच यात्री यात्रा कर सकेंगे। सेवा का संचालन झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट (जेएफआई) और मेसर्स एयरकैब एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से किया जाएगा।
हेलीपैड पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक स्थल पर एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध रहे। सरकार ने टिकट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है। श्रद्धालु घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से हेलीकॉप्टर यात्रा और हवाई दर्शन की बुकिंग कर सकेंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और देवघर, बासुकीनाथ तथा त्रिकूट पर्वत जैसे प्रमुख स्थलों को नई पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी।
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