जीतन राम मांझी ने विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने का दिया निर्देश
पटना, 16 मई (आईएएनएस)। देश में पेट्रोलियम और ऊर्जा संसाधनों की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ की गई अपील के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी पहल की है। मांझी ने अपने काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। केंद्रीय मंत्री के काफिले में अब न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार वाहनों का इस्तेमाल होगा।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने काफिले के वाहनों की संख्या कम करने के निर्णय के साथ-साथ अपने सहकर्मियों को भी ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो सभी विभागीय सहकर्मी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें ताकि मौजूदा वैश्विक संकट में भारत को सशक्त बनाए रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट वैश्विक है और इससे देश में कोई पेट्रोलियम और ऊर्जा संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है। हमारा यह दायित्व बनता है कि हम सब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करें और भारत को किसी संकटकाल में जाने से बचाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने की अपील के बाद शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक पैदल चलकर 'नो व्हीकल डे' मनाया। लगभग 150 मीटर की इस पैदल यात्रा में उनके साथ मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी थे।
सीएम ने पटना और आसपास के क्षेत्रों में आधिकारिक यात्राओं के दौरान अपने काफिले का आकार पहले ही कम कर दिया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी अपने आधिकारिक आवास से सचिवालय तक लगभग एक किलोमीटर पैदल चले।
उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे अमेरिका-ईरान संघर्ष से उपजे वैश्विक संकट के बीच 'फ्यूल सेविंग' को प्रोत्साहित करने के प्रतीक के रूप में कार्यालय तक पैदल जाएंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का विकल्प चुना और इलेक्ट्रिक ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे थे।
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