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जैवलिन मिसाइल से मजबूत होगी भारतीय सेना, नेपाल त्रासदी पर पूर्व विंग कमांडर बोले- चीन ने बिना बताए छोड़ा पानी

जैवलिन मिसाइल से मजबूत होगी भारतीय सेना, नेपाल त्रासदी पर पूर्व विंग कमांडर बोले- चीन ने बिना बताए छोड़ा पानी
जैवलिन मिसाइल से मजबूत होगी भारतीय सेना, नेपाल त्रासदी पर पूर्व विंग कमांडर बोले- चीन ने बिना बताए छोड़ा पानी

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। भारत द्वारा अमेरिका से जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने पर रिटायर्ड विंग कमांडर प्रफुल बख्शी ने इसकी खासियत बताई है। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएं पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से लगती हैं जहां टैंक की लड़ाइयां आम हैं, ऐसे में 4.5 किमी रेंज वाली यह गाइडेड मिसाइल बेहद असरदार है जो 150 मीटर ऊपर जाकर सीधे टैंक और बिल्डिंग पर हमला करती है। वहीं नेपाल में अचानक आई बाढ़ और तबाही को लेकर उन्होंने कहा कि चीन में भूकंप के बाद बांध टूटा या पानी छोड़ा गया इसकी जांच होनी चाहिए।

भारत अमेरिका से जैवलिन मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है। इसे लेकर विंग कमांडर (रिटायर्ड) प्रफुल बख्शी ने कहा, "भारत की सीमा बहुत बड़ी है, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और चीन के साथ है। टैंक की लड़ाइयां बहुत आम हैं और वे हुई हैं। हमने इसे यूक्रेन में, इराक में, 1971 की लड़ाई में, 1965 में, खेमकरण, वगैरह में देखा है। इन टैंक लड़ाइयों में, जब दुश्मन का टैंक आता है, तो आप उसे या तो टैंक से, टैंक गन से, या एंटी-टैंक हथियारों से खत्म कर देते हैं। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल बहुत असरदार होती है। इसे लेकर हमने अमेरिका के साथ डील किया है। अमेरिका के युद्ध सचिव पीट हेगसेथ और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा कि ये बहुत अच्छी चीज है।"

उन्होंने आगे कहा कि जब टैंक आ रहा होता है, तो उसे तबाह करने के लिए गाइडेड मिसाइल दागी जाती है। इस मिसाइल की रेंज 4.5 किलोमीटर है। जब सामने से टैंक आ रहा है, तो मिसाइल फायर करते हैं। इसका हाई अटैक मोड होता है। ये 150 मीटर ऊपर तक जाता है और सीधा नीचे हमला करता है। इससे आप बिल्डिंग्स को भी निशाना बना सकते हैं। इसकी बड़ी उपलब्धियां हैं।

हमारे पास नाग मिसाइल है, जिसकी रेंज 4 किमी तक है। इसके दो वर्जन होते हैं और ये चलते हुए वाहन से भी दागी जा सकती है। संत मिसाइल भी एयर-लॉन्च है। इससे आप 20 किमी तक के टारगेट को निशाना बना सकते हैं। अमोगा सिस्टम के दो वर्जन हैं। सैमो नाम की एक मिसाइल है, जो टैंक की गन से दागी जा सकती है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ और तबाही को लेकर विंग कमांडर (रिटायर्ड) प्रफुल बख्शी ने कहा, "जब चीन में यह भूकंप आया, तो वहां कोई बांध टूटा या क्या हुआ, इसकी पूरी जांच अभी तक नहीं हुई है। लेकिन जो पानी छोड़ा गया, क्या वे चेतावनी दे सकते थे, या नहीं दे सकते थे? यह भी जांच होगी कि चेतावनी का स्टेटस क्या था।"

उन्होंने कहा कि 30 मिनट के अंदर 30 मीटर पानी भर गया था। अगर 30 मिनट के अंदर 30 मीटर पानी भर जाए, तो लोग क्या कर सकते हैं? बस सीटी बजाएं या दूसरों को अलर्ट करने के लिए चिल्लाएं? आपकी टीमें इतने कम समय में कुछ नहीं कर सकतीं। सबसे बड़ी बात ये है कि इसकी पहले से तैयारी होनी चाहिए। जितने भी गांव हैं, उनके सरपंच को स्थानीय लोगों को इसके बारे में जानकारी देनी चाहिए।

--आईएएनएस

केके/डीएससी

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