जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण आदेश पर तजीन फातिमा बोलीं, सरकार पुनर्विचार करे
रामपुर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े ध्वस्तीकरण के आदेश पर सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए जनता का समर्थन मिल रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार न्याय मिलेगा।
रामपुर में आईएएनएस से बातचीत के दौरान तजीन फातिमा ने कहा कि वह सरकार से देश और जनता के हित में ध्वस्तीकरण के फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील करेंगी। उन्होंने कहा कि हम सरकार से देशहित और जनहित में पुनर्विचार की मांग करेंगे।
तजीन फातिमा ने कहा कि हम तो जाहिर तौर पर कमजोर पक्ष में आते हैं। सरकार को फैसला करना है कि क्या राजनीति इसी तरह चलेगी। हमें उम्मीद है कि हमें इंसाफ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए जनता का समर्थन जरूरी है और उन्हें विभिन्न वर्गों तथा धर्मों के लोगों का सहयोग मिल रहा है और काफी लोगों ने ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। विश्वविद्यालय के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश गलत है। शिक्षा के संस्थानों को तोड़ने के बजाय सरकार को उनके विकास और मजबूती के लिए काम करना चाहिए। जौहर विश्वविद्यालय को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे और जनता का सहयोग इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुस्लिम नेतृत्व से जुड़े सवाल पर फातिमा ने कहा कि मुस्लिम नेताओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले कुछ मुस्लिम नेता भी स्थानीय मुसलमानों को कमजोर करने का काम करते हैं।
उन्होंने राजनीति में उनके परिवार के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। तजीन फातिमा ने कहा कि राजनीति में पहले भी मतभेद होते थे, लेकिन अब व्यक्तिगत और जातीय दुश्मनी निकालने जैसी प्रवृत्ति बढ़ गई है। राजनीति में जिस तरह का व्यवहार हमारे साथ किया गया है, ऐसा पहले कभी किसी के साथ नहीं हुआ। पहले राजनीति में भी एक मर्यादा और साफ-सुथरा व्यवहार होता था, लेकिन आज व्यक्तिगत और जातीय दुश्मनी निकालने की कोशिश की जा रही है।
अपने परिवार की मौजूदा स्थिति पर फातिमा ने कहा कि उनका परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है क्योंकि उनके पति और बेटे दोनों जेल में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। परिवार की ओर से उनकी मेडिकल रिपोर्ट जेल प्रशासन को उपलब्ध कराई गई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं दी जा रही। उन्हें जमीन पर सुलाया जा रहा है और तख्त तक नहीं दिया जा रहा है। यदि उनके परिवार ने लोगों की जमीनों पर कब्जा किया होता, तो आजम खान एक ही क्षेत्र से लगातार कई बार चुनाव जीतकर जनता का समर्थन हासिल नहीं कर पाते। हमारे परिवार ने तो जनता की सेवा बिना किसी भेदभाव के की है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और पार्टी के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके परिवार और उनके संघर्ष में सहयोग किया है।
--आईएएनएस
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