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जतीपुरा से 'हिंदू चेतना यात्रा' का आगाज, ब्रज क्षेत्र में 22 जनवरी से विराट हिंदू सम्मेलन

मथुरा, 12 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी महोत्सव के मौके पर देशभर में गांव-गांव जाकर हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को गोवर्धन के जतीपुरा स्थित स्वामी गिरिराज जी के मुखारविंद से 'हिंदू चेतना यात्रा' का शुभारंभ किया गया।
जतीपुरा से 'हिंदू चेतना यात्रा' का आगाज, ब्रज क्षेत्र में 22 जनवरी से विराट हिंदू सम्मेलन

मथुरा, 12 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी महोत्सव के मौके पर देशभर में गांव-गांव जाकर हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को गोवर्धन के जतीपुरा स्थित स्वामी गिरिराज जी के मुखारविंद से 'हिंदू चेतना यात्रा' का शुभारंभ किया गया।

यह यात्रा सनातन संस्कृति के संरक्षण और हिंदू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

यात्रा जतीपुरा से निकलकर गांठौली, सकरवा, देवसेरस, महरौली, पलसों, नीमगांव और राधाकुंड जैसे कई गांवों से होते हुए अड़ींग में समाप्त हुई। इस दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यकर्ताओं ने भारत माता की आरती की और हनुमान चालीसा का पाठ किया। यात्रा में लोगों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह संपर्क प्रमुख डॉ. हरीश रौतेला ने बताया कि गोवर्धन की पावन भूमि से शुरू हुई यह चेतना यात्रा पूरे देश में हिंदुत्व का संदेश फैलाएगी। मथुरा विभाग के विभाग प्रचारक पारस पथ ने कहा कि मथुरा विभाग के तीनों जिलों में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

कथावाचक गिरधर गोपाल जी महाराज ने बताया कि हिंदुत्व की रक्षा में संत समाज और संघ की भूमिका अहम है। जिला प्रचारक कुश चहर ने बताया कि अकेले कोसी जिले में 100 से ज्यादा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। गोवर्धन खंड के संयोजक श्याम सुंदर उपाध्याय के अनुसार, खंड की सभी न्याय पंचायतों में कार्यक्रम होंगे, जिनकी शुरुआत 22 जनवरी को देवसेरस से होगी।

यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी ज्ञानेंद्र सिंह राणा ने की। जतीपुरा मंदिर में महेश मुखिया, पवन मुखिया और नरहरि मुखिया ने विशेष पूजा-अर्चना कराई।

यात्रा के दौरान लोगों में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक गतिविधि नहीं है, बल्कि हिंदू समाज को संगठित करने और उसकी चेतना जगाने की दिशा में एक कदम है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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