विश्व जूनोसिस दिवस : जानवरों से इंसानों में फैलती हैं ये जानलेवा बीमारियां, जानिए कैसे करें बचाव
नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। एक जानवर से शुरू हुई बीमारी पूरी दुनिया को ठप कर सकती है। यह बात सुनने में भले ही हैरान करने वाली लगे, लेकिन कुछ साल पहले आई कोविड-19 महामारी ने दिखा दिया कि एक सूक्ष्म वायरस किस तरह पूरी दुनिया की रफ्तार रोक सकता है। इस महामारी में लाखों लोगों की जान गई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ा। हर साल 6 जुलाई को विश्व जूनोसिस दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को उन बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके जो जानवरों से इंसानों में फैलती हैं। इन्हें जूनोटिक रोग कहा जाता है।
जूनोटिक रोग ऐसे संक्रामक रोग हैं जो मुख्य रूप से जानवरों से इंसानों में फैलते हैं। इनका संक्रमण संक्रमित जानवर के सीधे संपर्क, उसके काटने या खरोंचने, मच्छरों और टिक जैसे वाहकों, दूषित भोजन या पानी तथा संक्रमित वातावरण के माध्यम से हो सकता है।
विश्व जूनोसिस दिवस का इतिहास भी काफी महत्वपूर्ण है। 6 जुलाई 1885 को फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने पहली बार रेबीज से संक्रमित एक बच्चे को सफलतापूर्वक वैक्सीन दी थी। चिकित्सा विज्ञान की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में हर वर्ष 6 जुलाई को विश्व जूनोसिस दिवस मनाया जाता है और लोगों को टीकाकरण तथा बचाव के महत्व के प्रति जागरूक किया जाता है।
जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों में सबसे अधिक चर्चित रेबीज है। इसके अलावा इबोला, निपाह वायरस, बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा), लासा फीवर और बोवाइन ट्यूबरकुलोसिस जैसी कई गंभीर बीमारियां भी जूनोटिक रोगों की श्रेणी में आती हैं। कोविड-19 को भी व्यापक रूप से संभावित जूनोटिक उत्पत्ति वाली महामारी माना जाता है। इनमें से कई बीमारियां समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं।
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के अनुसार, दुनिया में ज्ञात संक्रामक बीमारियों में लगभग 60 प्रतिशत पशुजन्य होती हैं, जबकि नई और उभरती संक्रामक बीमारियों में करीब 75 प्रतिशत की उत्पत्ति जानवरों से होती है।
कोविड-19 महामारी के बाद पूरी दुनिया इन बीमारियों को लेकर पहले से अधिक सतर्क हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस महामारी ने लाखों लोगों की जान ली और यह भी सिखाया कि यदि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए जाएं तो कोई भी संक्रमण वैश्विक संकट का रूप ले सकता है। हालांकि, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यदि आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो उनका नियमित टीकाकरण कराएं। किसी जानवर के काटने या खरोंचने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। मांस, अंडे और दूध जैसी चीजों का सेवन हमेशा अच्छी तरह पकाकर करें। जानवरों के संपर्क में आने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना भी बेहद जरूरी है। बीमार या मृत जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखें और किसी भी असामान्य बीमारी के लक्षण दिखने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लें।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस

