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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब की ओर से याचिका दाखिल कर दिल्ली पुलिस के फैसले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

आईवाईसी की याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग करते हुए कहा गया है कि संगठन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहता है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

आईवाईसी ने हाई कोर्ट से मांग की है कि दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं देने के फैसले में हस्तक्षेप किया जाए और संगठन को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इजाजत दी जाए।

यह मामला ऐसे समय में हाई कोर्ट पहुंचा है, जब एक दिन पहले जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें से दो मामले संसद मार्ग थाने और एक मामला कनॉट प्लेस थाने में दर्ज किया गया।

पुलिस के मुताबिक, संसद मार्ग थाने में दर्ज दोनों एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223(ए), 221, 132 और 3(5) लगाई गई हैं। वहीं, कनॉट प्लेस थाने में दर्ज मामले में बीएनएस की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है।

ये मामले 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज किए गए। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वाम दलों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।

पुलिस ने प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने और वहां एकत्र होने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दैनिक डायरी में दर्ज प्रविष्टियों के आधार पर दर्ज की गई हैं। इनमें फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है। हालांकि, प्रदर्शन के आयोजकों और इसमें शामिल संगठनों का उल्लेख किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में भी लिया गया था। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 750 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के मद्देनजर इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।

विपक्षी दलों और संगठनों का यह विरोध निर्वाचन आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।

विपक्ष ने दावा किया है कि एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए। हालांकि, यह विपक्ष का दावा है। निर्वाचन आयोग एसआईआर प्रक्रिया का बचाव करते हुए इसे मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने की कवायद बताता रहा है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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