जमशेदपुर में गोलीबारी की घटना को लेकर बाबूलाल मरांडी ने विधि व्यवस्था पर उठाए सवाल
रांची, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अपराध नियंत्रण को लेकर हुई समीक्षा बैठक के कुछ घंटे बाद गोलीबारी की घटना का हवाला देते हुए राज्य की विधि-व्यवस्था पर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की उच्चस्तरीय बैठक के बाद भी अपराधी खुलेआम गोली चला रहे हैं, तो आम जनता सुरक्षा को लेकर किस भरोसे घर से निकलेगी। मरांडी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि जमशेदपुर में अपराध नियंत्रण और पुलिस की मुस्तैदी को लेकर डीजीपी की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। उनके अनुसार, बैठक के करीब नौ घंटे बाद ही सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में रंगदारी के लिए एक युवक पर चार-पांच राउंड गोली चलाए जाने की घटना सामने आई।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार युवक फोन पर बात कर रहा था, तभी कुछ बदमाश वहां पहुंचे और गोली चलाकर फरार हो गए।
मरांडी ने कहा कि इस घटना से यह सवाल उठता है कि पुलिस की बैठकों और निर्देशों का अपराधियों पर कितना असर हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल करते हुए कहा कि जमशेदपुर जैसे प्रमुख शहर में यदि डीजीपी की बैठक के कुछ ही घंटे बाद गोलीबारी हो जाती है, तो आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा कैसे कायम होगा।
उन्होंने डीजीपी की कार्यप्रणाली और पुलिस नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए तथा आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था पर राजनीतिक प्रभाव का असर दिखाई दे रहा है।
मरांडी ने कहा कि राज्य में अपराधियों के बीच कानून का भय और आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की बैठकें और सरकारी बयान अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर अपराध नियंत्रण की स्थिति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता केवल आश्वासन नहीं चाहती, बल्कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और सुरक्षित माहौल चाहती है। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
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