जामनेर में पुलिस ने 60 से अधिक बकरे और मवेशी बचाए, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
जलगांव, 26 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के जलगांव जिले के जामनेर में बकरीद से पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 से अधिक बकरों और अन्य मवेशियों को कथित तौर पर अवैध परिवहन और गैर-कानूनी वध से बचाया। नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को विभिन्न इलाकों में अचानक छापेमारी कर यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन की यह कार्रवाई बकरीद से ठीक पहले की गई, जब अवैध रूप से जानवरों के परिवहन और गैर-कानूनी पशु वध की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई थी।
इस मामले में जामनेर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जामनेर के घोड़े पीर बाबा घरकुल क्षेत्र, मदनी नगर और इस्लामपुर इलाके में विशेष अभियान चलाया गया। इससे पहले भी संयुक्त टीम ने इन क्षेत्रों में छापेमारी कर बड़ी संख्या में जानवरों को बरामद किया था।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया और संदिग्ध स्थानों की जांच की।
कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए सभी बकरे और अन्य मवेशियों को सुरक्षित रूप से जलगांव स्थित गौशाला भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जानवरों की सुरक्षा और उचित देखरेख सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
जामनेर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर मुरलीधर कसार ने कहा कि प्रशासन गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध पशु परिवहन तथा वध को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध पशु परिवहन या गैर-कानूनी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुरलीधर कसार ने कहा कि बकरीद से पहले की गई इस कार्रवाई को प्रशासन की सतर्कता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।
--आईएएनएस
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