जम्मू मंडल में दो दिवसीय अंतर-मंडलीय सेफ्टी ऑडिट शुरू, रेल सुरक्षा मानकों की होगी गहन जांच
जम्मू, 24 जून (आईएएनएस)। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल में दो दिवसीय अंतर-मंडलीय सेफ्टी ऑडिट 24-25 जून को आयोजित किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण ऑडिट उत्तर रेलवे के अंतर्गत किया जा रहा है।
इस ऑडिट का नेतृत्व प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त नीरज गुप्ता करेंगे। इसमें रेलवे के पांच प्रमुख विभागों (ट्रैफिक, सिग्नल, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग और मैकेनिकल) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। जम्मू मंडल के प्रशासनिक अधिकारी भी इस निरीक्षण टीम के साथ मौजूद रहेंगे।
इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य रेल परिचालन से जुड़ी सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं, उपकरणों और मानकों का गहन मूल्यांकन करना, संभावित कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करना है, ताकि रेलवे के 'जीरो एक्सीडेंट' लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान टीम जम्मू रेलवे स्टेशन परिसर और उसके यार्ड का विस्तृत निरीक्षण करेगी। इसमें प्लेटफॉर्म की स्थिति, फुट ओवरब्रिज, प्रतीक्षालय, शौचालय और अन्य यात्री सुविधाओं के साथ-साथ सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम, ट्रैक फिटिंग तथा प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग की कार्यप्रणाली की गहन जांच की जाएगी।
इसी क्रम में ऑडिट टीम रनिंग लॉबी का भी दौरा करेगी, जहां लोको पायलट और गार्ड से सीधे संवाद कर उनके कार्य परिस्थितियों, विश्राम सुविधाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद टीम जम्मू मंडल के विभिन्न यार्डों का निरीक्षण करेगी, जिसमें मालगाड़ियों के लोडिंग-अनलोडिंग, वैगनों की शंटिंग, यार्ड में प्रकाश व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा नियमों के पालन की जांच शामिल होगी।
इसके साथ ही मंडल के महत्वपूर्ण रेलवे पुलों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट भी किया जाएगा, जिसमें पुलों की मजबूती, ट्रैक फिटिंग और रखरखाव मानकों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
इस अवसर पर जम्मू मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि ऐसे अंतर-मंडलीय सेफ्टी ऑडिट समय-समय पर रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करते हैं और कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि ऑडिट टीम द्वारा दिए गए तकनीकी सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा ताकि रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय बनाया जा सके।
--आईएएनएस
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