जम्मू-कश्मीर: सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट से उधमपुर के लोगों की उम्मीदें बढ़ीं
उधमपुर, 6 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधायक पवन कुमार गुप्ता की मांग के बाद 'पथी पंगारा' के रास्ते 'सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट' को जोड़ने के प्रस्ताव पर पहल की है। स्थानीय लोगों ने बेहतर बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास की दिशा में उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।
उधमपुर के स्थानीय भाजपा विधायक पवन कुमार गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सवालकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसकी योजना बहुत पहले बनाई गई थी, लेकिन आर्थिक संकट के कारण यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 28,000 से 30,000 करोड़ रुपए की लागत आएगी।"
उन्होंने बताया, "जब मैं पिछली सरकार में था, तो मैंने इस प्रोजेक्ट के कुछ नक्शे उपलब्ध कराए थे और कुछ जियोमैपिंग का काम भी करवाया था। इस प्रोजेक्ट में एक सुरंग बनाने का प्रस्ताव भी था, लेकिन उस समय इस पर काम आगे नहीं बढ़ा क्योंकि यह सरकार की प्राथमिकता में नहीं था। अब, सिंधु जल संधि के निलंबित होने के बाद इस प्रोजेक्ट को लगभग फिर से शुरू कर दिया गया है और यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इससे 1,856 मेगावाट बिजली पैदा होगी। लोगों को न सिर्फ बिजली उत्पादन से फायदा होगा, बल्कि उन्हें स्वच्छ ऊर्जा भी मिलेगी।"
विधायक पवन गुप्ता ने कहा कि सवालकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट के तहत बन रहे डैम का एक हिस्सा रियासी जिले में और दूसरा हिस्सा उधमपुर है। प्रोजेक्ट के तहत पावर हाउस उधमपुर जिले में बनाया जाएगा।
सवालकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट के बारे में एक स्थानीय युवक ने कहा, "मैंने सुना है कि सड़क मेरे क्षेत्र से होकर गुजरेगी। मैं भी चाहता हूं कि सड़क यहीं से होकर जाए, क्योंकि इससे हमारा रोजगार भी बढ़ेगा। अभी सड़क की हालत बहुत खराब है और उसमें गड्ढे हैं। अगर रोज बारिश होती है, तो सड़क बंद हो जाती है। अगर अब सड़क को चौड़ा किया जाता है, तो पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी और हमारा रोजगार भी बढ़ेगा। यह हम सभी के लिए फायदेमंद होगा।"
पंचारी को लेकर उन्होंने कहा, "घूमने के लिए पंचारी एक अच्छी जगह है। यह कई पर्यटक स्थल हैं। सड़क खराब होने के कारण लोग यहां नहीं आते हैं। यहां का मौसम भी एक बड़ा कारण है। सड़क खराब होने के कारण बारिश होने पर रास्ता बंद हो जाता है। कभी पेड़ गिर जाते हैं। इसीलिए पर्यटक इस क्षेत्र में घूमने के लिए नहीं आते हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं एक छोटी-सी दुकान चलाता हूं। अभी इतना काम नहीं है। सड़क अच्छी बनती है तो पर्यटक आएंगे और इससे काम भी अच्छा होगा।
--आईएएनएस
डीसीएच/

