जम्मू-कश्मीर में मुहर्रम की तैयारियों की समीक्षा, सीएम उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को दिए निर्देश
श्रीनगर, 15 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बैठक के दौरान मुहर्रम की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मुहर्रम के दौरान शांतिपूर्ण और सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाएं। बैठक में उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, संबंधित विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न शिया संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने मुहर्रम के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव और विचार साझा किए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संबंधित विभागों को निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और अन्य जरूरी सार्वजनिक सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं ताकि धार्मिक सभाओं और जुलूसों में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे परंपरागत तरीके से मुहर्रम मना सकें।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों और किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। शिया संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उन मुद्दों को उठाया जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए।
वहीं, उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और लोगों की शिकायतों तथा सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जम्मू-कश्मीर में मुहर्रम के दौरान बड़े पैमाने पर धार्मिक सभाएं और जुलूस निकाले जाते हैं, विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों में जुलूसों की अधिकता रहती है। प्रशासन हर वर्ष मुहर्रम के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां करता है।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में की गई तैयारियों की समीक्षा की गई और सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और इसी के साथ इस्लामी नववर्ष की शुरुआत होती है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान दो महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर आते हैं, आशूरा का दिन (मुहर्रम की 10वीं तारीख) और हिजरत की शुरुआत। इस वर्ष मुहर्रम 16 जून से शुरू हो रहा है, जिसके साथ इस्लामी वर्ष 1448 हिजरी की शुरुआत होगी। वहीं आशूरा 25 जून को मनाया जाएगा।
दुनियाभर में शिया मुस्लिम मुहर्रम के दौरान बड़े शोक जुलूस निकालते हैं। यह जुलूस पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकाले जाते हैं। इमाम हुसैन को इराक के कर्बला में दूसरे उमय्यद खलीफा यजीद की सेना ने शहीद कर दिया था।
--आईएएनएस
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