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जम्मू-कश्मीर : कठुआ के सीमावर्ती इलाकों में 60 दिनों तक गैर-जरूरी आवागमन पर प्रतिबंध, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश

जम्मू, 14 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने शनिवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा से 5 किलोमीटर की पट्टी में गैर-जरूरी आवागमन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध विशेष रूप से बीओपी पहाड़पुर फॉरवर्ड से बीओपी करोल कृष्णा के बीच के क्षेत्र पर लागू है।
जम्मू-कश्मीर : कठुआ के सीमावर्ती इलाकों में 60 दिनों तक गैर-जरूरी आवागमन पर प्रतिबंध, डीएम ने जारी किया सख्त आदेश

जम्मू, 14 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने शनिवार को एक आदेश जारी किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा से 5 किलोमीटर की पट्टी में गैर-जरूरी आवागमन पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध विशेष रूप से बीओपी पहाड़पुर फॉरवर्ड से बीओपी करोल कृष्णा के बीच के क्षेत्र पर लागू है।

आदेश के अनुसार, बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील हो गई है और कभी भी सीमा पार से फायरिंग या घुसपैठ की आशंका बनी हुई है। गांववालों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी देश-विरोधी गतिविधि को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने सेक्शन 163 ऑफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है।

इसके अलावा, पुराने सांबा-कठुआ रोड पर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रक, टिपर, मल्टी-एक्सल वाहनों सहित सभी भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह कर्फ्यू जैसी रोक लगभग दो महीने यानी 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी, जो 14 फरवरी 2026 से शुरू होकर या तो 60 दिनों बाद समाप्त होगी या पहले रद्द कर दी जाएगी।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस प्रतिबंध की पूर्व सूचना देना संभव नहीं था, इसलिए इसे एकतरफा जारी किया गया है और यह आम जनता के हित में है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दंडनीय प्रावधान शामिल हैं।

यह आदेश कठुआ जिले के बॉर्डर क्षेत्रों में हाल की घटनाओं के मद्देनजर आया है, जहां पिछले महीनों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई सफलताएं मिली हैं, जैसे जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों का एनकाउंटर। सीमा पर तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बल सतर्क हैं। आसपास के जिलों जैसे सांबा में भी पहले इसी तरह के रात्रि कर्फ्यू लगाए जा चुके हैं, जो घुसपैठ और ड्रोन से हथियार तस्करी रोकने के उद्देश्य से होते हैं।

स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे आवश्यक कामों के अलावा सीमा क्षेत्र में न जाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जनता की सुरक्षा के लिए अस्थायी लेकिन जरूरी है। यदि स्थिति सामान्य हुई तो इसे जल्दी हटाया जा सकता है।

--आईएएनएस

एससीएच

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