जम्मू-कश्मीर सीएम उमर अब्दुल्ला और एनसी अध्यक्ष फारूक ने किश्तवाड़ में नाबालिग लड़की की मौत पर जताया दुख
श्रीनगर, 22 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ में नाबालिग लड़की की गर्भपात के समय मौत होने पर दुख जताया है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक बच्ची के साथ कथित यौन शोषण घिनौना, भयावह और पूरी तरह से अस्वीकार्य अपराध है।
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किश्तवाड़ के छत्रू की एक 14 साल की नाबालिग लड़की की मौत पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि प्रेगनेंसी के लिए मेडिकल इलाज के वास्ते रेफर किए जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।"
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अनुसार, इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने एक बच्ची के कथित यौन शोषण को घिनौना, भयावह और पूरी तरह से अस्वीकार्य अपराध बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सरकारी स्कूल के टीचर की इसमें कथित भूमिका इस घटना को और भी निंदनीय बनाती है।"
उन्होंने मामले के हर पहलू की गहन, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की। दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता जाहिर की और कहा कि हर बच्चे की सुरक्षा, सम्मान और बचाव से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
दरअसल, लड़की को प्रेगनेंसी के मेडिकल टर्मिनेशन (एमटीपी) के लिए किश्तवाड़ जिले से डोडा जिले रेफर किया गया था, लेकिन डोडा जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक स्कूल टीचर को गिरफ्तार किया है। साथ ही, स्कूल टीचर के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि स्कूल टीचर उस अपराध के लिए जिम्मेदार था, जिसके कारण आखिरकार लड़की की मौत हुई। पुलिस ने कहा कि प्रेगनेंसी, लड़की की मौत और मामले के दूसरे पहलुओं से जुड़े हालात का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
--आईएएनएस
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