जम्मू-कश्मीर चुनाव आयोग 10-11 अक्टूबर को विशेष वोटर एनरोलमेंट ड्राइव आयोजित करेगा
श्रीनगर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) संजीव वर्मा ने बुधवार को घोषणा की कि 10 और 11 अक्टूबर को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में दो दिन का विशेष और सघन वोटर एनरोलमेंट ड्राइव (मतदाता पंजीकरण अभियान) चलाया जाएगा।
यह वीकेंड ड्राइव सभी मतदान केंद्रों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी और यह नियमित वीकेंड वोटर सुविधा पहल की शुरुआत है। इसका मकसद योग्य नागरिकों, खासकर पहली बार वोट देने वालों, महिलाओं और दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी), को खुद को रजिस्टर करने और अपनी चुनावी जानकारी अपडेट या सही करने का आसान मौका देना है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यह फैसला वर्मा की अध्यक्षता में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के साथ हुई समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
चुनाव तंत्र को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने का निर्देश देते हुए वर्मा ने कहा कि मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहे। उन्होंने डीईओ और ईआरओ को इस पहल के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए संस्थागत और सार्वजनिक स्तर पर लोगों तक पहुंचने का निर्देश दिया, साथ ही आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियमित रूप से जमीनी स्तर की जानकारी देने को कहा।
इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) सभी मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे ताकि नागरिकों को फॉर्म 6, 7 और 8 जमा करने में मदद मिल सके, जिससे नए पंजीकरण, नाम हटाने और सुधार की प्रक्रिया आसान हो सके। नागरिकों को फॉर्म को फिजिकली (कागज पर) जमा करने और वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा करने, दोनों में मदद दी जाएगी।
आखिरी छोर तक पहुंचने के लिए, सीईओ ने बीएलओ को घर-घर जाकर उन योग्य नागरिकों की पहचान करने और उनकी मदद करने का निर्देश दिया जो शायद वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं, जिसमें युवाओं और मदद की जरूरत वाले अन्य वंचित समूहों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
नागरिकों से इस पहल का पूरा लाभ उठाने का आग्रह करते हुए, वर्मा ने जमीनी स्तर पर वोटर एनरोलमेंट को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वोटर लिस्ट को पूरा, सटीक और समावेशी बनाए रखने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है।
--आईएएनएस
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