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जम्मू-कश्मीर: ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स युवाओं का जीवन कर रहा रोशन, केंद्र उठा रहा सारा खर्च

रियासी, 6 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में केंद्र सरकार की ओर से ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स की शुरुआत की गई है। यह निशुल्क कोर्स है। इसके तहत छात्रों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी दी जा रही है ताकि रोजगार पाने के लिए उन्हें आसानी हो। छात्रों को ब्यूटी पार्लर और सिलाई का भी कोर्स दिया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर: ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स युवाओं का जीवन कर रहा रोशन, केंद्र उठा रहा सारा खर्च

रियासी, 6 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में केंद्र सरकार की ओर से ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स की शुरुआत की गई है। यह निशुल्क कोर्स है। इसके तहत छात्रों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी दी जा रही है ताकि रोजगार पाने के लिए उन्हें आसानी हो। छात्रों को ब्यूटी पार्लर और सिलाई का भी कोर्स दिया जा रहा है।

अभी रियासी जिले में विभिन्न जगहों से छात्र आकर यह कोर्स कर रहे हैं और जो प्रतिदिन यहां आने-जाने में असमर्थ हैं, वे यहीं पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था संस्थान की तरफ से की जा रही है, जिसका खर्चा सीधे केंद्र सरकार की ओर से वहन किया जा रहा है।

इस कोर्स की शुरुआत पर छात्रों ने खुशी जाहिर की। कई छात्रों ने कहा कि हमें पहले कंप्यूटर के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। हमें यह भी नहीं पता था कि इसे चालू कैसे किया जाता है, लेकिन आज हमारे पास कंप्यूटर की बहुत जानकारी है।

कंप्यूटर का कोर्स कर रही छात्रा आरती देवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि हमें इस बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी कि केंद्र सरकार की तरफ से कंप्यूटर कोर्स के संबंध में कोई योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत मुफ्त में कंप्यूटर का कोर्स हमें कराया जा रहा है। इसके लिए हम मोदी सरकार का दिल से धन्यवाद करना चाहेंगे। यह बहुत ही अच्छा कदम है, जिसका हम दिल खोलकर स्वागत करते हैं। इससे हम जैसे गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को कंप्यूटर का कोर्स करने में मदद मिलेगी। हमारे लिए आगे चलकर सफलता के मार्ग प्रशस्त होंगे।

उन्होंने कहा कि वैसे भी हम लड़कियां हैं। हम कई बार बड़े अवसरों से वंचित रह जाती हैं, लेकिन आज की तारीख में केंद्र सरकार की तरफ से कई प्रकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की जा रही है, जिसका नतीजा है कि हम लोग भी आधुनिक शिक्षा का लाभ उठा पा रहे हैं। इसका श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वो केंद्र की मोदी सरकार है। हम यहां पर आकर पढ़ाई कर पा रहे हैं।

राहत की बात यह है कि इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है। इस वजह से हम जैसी लड़कियों के लिए पढ़ाई के बड़े द्वार खुल पा रहे हैं। वैसे भी आज का पूरा युग ऑनलाइन हो चुका है। बिना ऑनलाइन के आप कुछ भी नहीं कर सकते। छोटे से लेकर बड़े काम तक में कंप्यूटर का सहारा लेना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अगर हम कंप्यूटर का ज्ञान अर्जित कर लेते हैं, तो इससे न सिर्फ हमारे लिए रोजगार के दरवाजे खुलते हैं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई चीजें आसान हो जाती हैं। इससे हमें बहुत तरह के फायदे होते हैं। कंप्यूटर सीखने के बाद हमारी जिंदगी सुगम हो रही है।

अन्य छात्रा परवीन अख्तर ने भी केंद्र की मोदी सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज हमें मुफ्त में कंप्यूटर सीखने का मौका मिल पा रहा है। इसके लिए हम सरकार का धन्यवाद करना चाहेंगे। आज हमें कंप्यूटर के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। पहले हमें इस बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। हमारे इलाकों में लड़कियों की पढ़ाई को बिल्कुल भी तरजीह नहीं दी जाती है, लेकिन, आज मैं यहां केंद्र सरकार की तरफ से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना की वजह से कंप्यूटर की पढ़ाई कर पा रही हूं। इसके लिए मैं केंद्र सरकार का दिल से धन्यवाद करना चाहूंगी। इस तरह की पढ़ाई करके हम अपने पैरों पर खड़े हो पा रहे हैं। आज की तारीख में हमें आत्मनिर्भरता का एहसास हो पा रहा है। यह हमारे लिए खुशी का विषय है, जिसे सच में शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

छात्रा कविता शर्मा ने कहा कि मेरा कोर्स खत्म हो चुका है। मुझे कंप्यूटर के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां लड़कियों की पढ़ाई को बहुत तवज्जो दी जाती है। उन्हें अच्छे से पढ़ाया जाता है। पहले मुझे कंप्यूटर के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। आज हम आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रहे हैं। हमें इस बात की खुशी है कि केंद्र सरकार के तत्वावधान में शुरू की गई इस तरह की महत्वाकांक्षी योजनाओं की वजह से हम कंप्यूटर का ज्ञान अर्जित कर पा रहे हैं। हमें कंप्यूटर में टेली, जीएसटी और अटेंडेंस सीट बनाने के बारे में पूरी जानकारी मिली है।

वहीं, फैकल्टी मेंबर राहुल ने भी ‘असिस्टेंट बुककीपिंग ट्रेनिंग’ कोर्स के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कंप्यूटर से संबंधित कोर्स है, जिसमें प्रमुख रूप से छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की अकाउंटिंग के बारे में पढ़ाया जाता है। हमारे इस बैच में कुल 34 बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनमें से 15 बच्चे यहीं पर रह रहे हैं। उनके रहने और खाने का खर्च सरकार की तरफ से वहन किया जा रहा है। यह सभी छात्र दूर के इलाकों से आए हैं।

उन्होंने बताया कि हमें केंद्र सरकार की तरफ से 17 बैच का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से अब तक हम 15 बैच पूरे कर चुके हैं। हमारे यहां से पढ़कर निकले कई छात्र अब अपना काम भी शुरू कर चुके हैं। हम आमतौर पर ऐसे कोर्स छात्रों को देते हैं, जिससे आगे चलकर उन्हें रोजगार मिल सके। हम गांव-गांव में जाते हैं और उन्हें कंप्यूटर की शिक्षा को लेकर जागरूक करते हैं। इसके बाद हम यहां पर बैच बनाते हैं। इस बैच का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कंप्यूटर से संबंधित समग्र जानकारी देना होता है, ताकि जब वो काम करें, तो उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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