जम्मू और कश्मीर: 24 महीने का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर 538 युवा बने अग्निवीर, परिजनों ने जताया गर्व
श्रीनगर, 30 मई (आईएएनएस)। जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, श्रीनगर में 7वें बैच के कुल 538 अग्निवीरों ने 24 महीने के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय सेना में शपथ ग्रहण किया। पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा और अग्निवीर के लिए चयनित युवाओं के माता-पिता भी मौके पर मौजूद रहे। अभिभावकों ने अपने बच्चों को भारतीय सेना में शामिल होने पर गर्व जताया।
अग्निवीर प्रशिक्षित जवान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मुझे भारतीय सेना का हिस्सा होने पर बहुत गर्व है। मैंने भारतीय सेना से बहुत कुछ सीखा है। मैंने अपने अनुशासन, जीवनशैली और साहस में सुधार किया है। मैं अपने देश की यथासंभव सेवा करने की आशा रखता हूं।"
एक जवान ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं और बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं क्योंकि आज मेरा पासिंग आउट (पीओ) समारोह है। मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने फायरिंग, ड्रिल और कई अन्य चीजें सीखी हैं।
एक अभिभावक प्रवीन अख्तर ने कहा, "बेटे का सेना में शामिल होना अत्यंत खुशी और गर्व की बात है। मेरे बच्चे का बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना था। उसने पहले एनसीसी में दाखिला लिया और वहीं से उसे सेना में भर्ती होने का मौका मिला और उसका चयन हो गया। सभी बच्चों को देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।"
अग्निवीर के सातवें बैच के एक रंगरूट के परिवार के सदस्य ने कहा, "हमें बहुत गर्व हो रहा है कि हमारा बच्चा एक सैनिक के रूप में देश की सेवा करने जा रहा है। बचपन से ही उसकी सेना में शामिल होने की प्रबल इच्छा थी।"
उड़ी के रहने वाले आशिक हुसैन ने कहा, "मैं अपने भतीजे के परेड में शामिल होने आया हूं। भतीजे को सेना में भेजकर हमें बहुत खुशी है। हमारे परिवार को फौजी परिवार कहा जाता है। बॉर्डर का रहने वाला हूं, मैं चाहता हूं कि वहां के हर नागरिक को हथियार मिले। हालांकि हथियार नहीं मिल सका तो अपने बच्चों को फौज में भेजकर गर्व महसूस कर रहा हूं।"
--आईएएनएस
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