Jammu Kashmir: सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप में दो गिरफ्तार, विदेशी एजेंटों से संपर्क की जांच
जम्मू-कश्मीर के जम्मू जिले में पुलिस ने संवेदनशील सुरक्षा जानकारी कथित तौर पर विदेशी खुफिया एजेंटों और आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचाने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को आरएस पुरा के सीमावर्ती इलाके से जुड़े मामले में पकड़ा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कौन-सी जानकारी साझा की और इसके पीछे उनका मकसद क्या था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कुमार और गौरव शर्मा के रूप में हुई है। अरुण कुमार अखनूर के मथवार इलाके के निवासी हैं, जबकि गौरव शर्मा मोखे गांव के रहने वाले बताए गए हैं।
दोनों के खिलाफ आरएस पुरा पुलिस थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
एन्क्रिप्टेड माध्यमों से जानकारी साझा करने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए सुरक्षा से संबंधित तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक डेटा साझा कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि यह जानकारी विदेशी खुफिया एजेंटों और आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचाई गई।
जांच में पाकिस्तान स्थित संगठनों से जुड़े लोगों के साथ कथित संपर्क की बात भी सामने आई है। हालांकि, मामले में साझा की गई जानकारी की पूरी प्रकृति और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस खंगाल रही है संपर्क और डिजिटल रिकॉर्ड
गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, संचार माध्यमों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित तौर पर साझा की गई जानकारी कहां से हासिल की गई और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ा मामला होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसकी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

