जमैका के ओल्ड हार्बर पहुंचे एस. जयशंकर, भारतीय प्रवासियों से की मुलाकात
नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने कैरेबियाई दौरे के दौरान जमैका के ओल्ड हार्बर का दौरा किया, जो भारतीय प्रवासियों के इतिहास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात की और उनकी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की।
विदेश मंत्री ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, ''ऐतिहासिक स्थल ओल्ड हार्बर का दौरा करके बहुत खुशी हुई, जहां 180 साल से भी सबसे पहले भारतीय जमैका पहुंचे थे। भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से बातचीत की और देखा कि उन्होंने अपनी संस्कृति, परंपराओं और पहचान को किस तरह सहेजकर रखा है।''
इस दौरान विदेश मंत्री ने जमैका के पर्यटन मंत्री एडमंड बार्टलेट और जमैका की मंत्री ओलिविया "बब्सी" ग्रेंज का धन्यवाद किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो से दस मई तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर हैं। जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो भी 'कैरैबियन समुदाय' के सदस्य देश हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जयशंकर इन तीनों देशों के नेताओं से मिलेंगे और अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिनमें दोनों पक्षों की रुचि है।
मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और इन देशों के बीच राजनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी, लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों को आगे बढ़ाएगी और दक्षिण सहयोग और विकास को भी बढ़ावा देगी।
विदेश मंत्री इन देशों में व्यापार जगत के प्रमुख लोगों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे और बातचीत करेंगे।
जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे कैरेबियाई देशों का भारत से खास संबंध है, क्योंकि यहां गिरमिटिया समुदाय के लोग रहते हैं।
‘गिरमिटिया’ वे भारतीय मजदूर थे, जो 19वीं सदी के मध्य और अंत में ब्रिटिश काल के दौरान काम करने के लिए भारत से दूसरे देशों में गए थे। बाद में उनमें से कई लोग वहीं बस गए। ‘गिरमिट’ शब्द ‘एग्रीमेंट’ (समझौते) का गलत उच्चारण है, जो उनके काम के अनुबंध के लिए इस्तेमाल होता था।
--आईएएनएस
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