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जामा मस्जिद में लोगों ने अदा की ईद-उल-फितर की नमाज, देश में अमन और भाईचारे की मांगी दुआ

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईद-उल-फितर के मौके पर शनिवार को जामा मस्जिद में काफी बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए और सबने मिलकर ईद की नमाज अदा की। सभी लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
जामा मस्जिद में लोगों ने अदा की ईद-उल-फितर की नमाज, देश में अमन और भाईचारे की मांगी दुआ

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईद-उल-फितर के मौके पर शनिवार को जामा मस्जिद में काफी बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए और सबने मिलकर ईद की नमाज अदा की। सभी लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

एक स्थानीय ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि एक महीने के रोजे रखने के बाद ईद का दिन आता है, इसलिए इसका इंतजार हर किसी को रहता है। ये दिन अल्लाह की तरफ से एक खास इनाम होता है। पूरे महीने सब्र, इबादत और खुदा की बंदगी करने के बाद ये खुशी का दिन नसीब होता है। यही वजह है कि लोग इसे बहुत प्यार और इज्जत के साथ मनाते हैं।

उन्होंने कहा कि ईद का असली पैगाम मोहब्बत फैलाना है। सिर्फ अपने लिए खुश होना नहीं, बल्कि उन लोगों को भी खुशी देना है जो किसी वजह से खुशी नहीं मना पाते, जैसे गरीब लोग या जरूरतमंद लोग। उनकी मदद करना, उनके साथ बैठना, उन्हें भी अपने साथ शामिल करना यही असली ईद है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलजुल कर रहना चाहिए और समाज में प्यार और भाईचारा बढ़ाना चाहिए।

स्थानीय ने बताया कि आज के दिन सुरक्षा का भी खास ध्यान रखा गया है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है ताकि कोई दिक्कत न हो और लोग आराम से अपनी नमाज अदा कर सकें। खुशी की बात ये रही कि सब कुछ बहुत शांति और अच्छे तरीके से हो रहा है। कहीं कोई झगड़ा या परेशानी नहीं हुई, जिससे लोग और भी सुकून से अपनी ईद मना पा रहे हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अपने देश पर गर्व है, जहां सालों से गंगा-जमुनी तहजीब चली आ रही है। यहां अलग-अलग धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं और एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं। ईद के मौके पर भी हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब एक-दूसरे को बधाई देते नजर आते हैं, जो इस देश की खूबसूरती को दिखाता है।

स्थानीय ने बताया कि नमाज के बाद लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी और आज ईद की नमाज अदा करने का मौका दिया। कई लोगों ने कहा कि इंशाल्लाह अगले साल भी वो पूरे तीस रोजे रखेंगे। मौसम भी आज बहुत अच्छा था, जिससे माहौल और भी खुशनुमा हो गया।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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