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जलवायु परिवर्तन पर डॉ. दीपक सावंत की किताब का राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया विमोचन

जलवायु परिवर्तन पर डॉ. दीपक सावंत की किताब का राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया विमोचन
जलवायु परिवर्तन पर डॉ. दीपक सावंत की किताब का राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया विमोचन

मुंबई, 1 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत द्वारा लिखित पुस्तक 'क्लाइमेट चेंज: एक चक्रव्यूह' का बुधवार को मुंबई स्थित लोक भवन (राजभवन) में विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में किया।

इस अवसर पर डॉ. दीपक सावंत ने कहा कि यह पुस्तक वैश्विक जलवायु परिवर्तन पर प्रकाशित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध लेखों तथा विभिन्न अध्ययनों के गहन विश्लेषण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इस गंभीर विषय पर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में जलवायु परिवर्तन की जटिलता, जलवायु परिवर्तन और मिट्टी, जलवायु परिवर्तन और जानलेवा बीमारियां, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा, कुपोषण और जलवायु परिवर्तन जैसे अध्याय शामिल हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने पुस्तक को जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दे पर जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक आम लोगों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी साबित होगी।

वहीं, डॉ. दीपक सावंत ने अपनी पुस्तक के बारे में कहा कि 16 साल पहले दी गई चेतावनी आज सच साबित हो रही है। वर्ष 2010 में जब विधान परिषद में ग्लोबल वॉर्मिंग (वैश्विक तापमान वृद्धि) के खतरनाक प्रभावों के बारे में बात की गई थी, तब यह विषय कई लोगों के लिए नया था, लेकिन आज तापमान में लगातार हो रहे बदलाव का असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ती बीमारियां, बेमौसम बारिश, भीषण गर्मी, बदलता मौसम और किसानों की आत्महत्याएं उसी चेतावनी की सच्चाई को सामने ला रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब जोशीमठ को धीरे-धीरे धंसते हुए देखा गया, तब यह एहसास हुआ कि प्रकृति के इस संकट के सामने इंसान कितना असहाय है। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन से जुड़े कई बड़े खतरे लगातार सामने आने लगे। सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने से यह संकट दूर नहीं होगा। इसी सोच के साथ यह महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी गई है।

उन्होंने बताया कि प्रकृति के इस बड़े संकट और जलवायु परिवर्तन के इस 'चक्रव्यूह' से बाहर निकलने का रास्ता क्या है? इसमें मोटे अनाज (मिलेट्स) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कैसे मदद कर सकते हैं? इन सवालों के जवाब देने और यह बताने के लिए कि आप इस संकट से निपटने में क्या भूमिका निभा सकते हैं, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक तैयार की गई है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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